मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल भवन में शनिवार से आयुष पद्धति से इलाज की शुरुआत हो गई है। एक फ्लोर को आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा के लिए आरक्षित किया गया है।
मुजफ्फरपुर जिले के सदर अस्पताल स्थित मॉडल अस्पताल परिसर में शनिवार से आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत इलाज की औपचारिक शुरुआत हो गई। अब यहां मरीजों को एलोपैथ के साथ साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से भी इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मॉडल अस्पताल की एक पूरी मंजिल आरक्षित की गई है, जहां आज से ओपीडी सेवा विधिवत रूप से शुरू कर दी गई है।
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सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार और सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बाबू साहब झा ने विभाग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. सी.के. दास सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे। डॉ. बीएस झा ने बताया कि आयुष विभाग के तहत कार्यरत चिकित्सकों को ओपीडी में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों की सेवा में तैनात किया गया है। विशेष रूप से बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और कमजोर रोगियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें मुफ्त दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
यदि किसी मरीज की हालत गंभीर पाई जाती है, तो उसे तुरंत नजदीकी आयुष डिस्पेंसरी में रेफर किया जाएगा। साथ ही आयुष चिकित्सकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे क्षेत्र के बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखें और समय समय पर उनकी स्वास्थ्य जांच करते रहें। सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने कहा कि अस्पताल में आयुष सेवा को प्रभावी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मरीजों की संख्या बढ़े, इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार किया जा रहा है और अस्पताल परिसर में नियमित अनाउंसमेंट भी कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को और सशक्त व व्यापक बनाया जाएगा।