Bihar : TRE-4 के अभ्यर्थियों और शिक्षक नेता पर पटना ने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया। लेकिन इसके बाद जो व्यवहार पटना पुलिस ने छात्र नेता और गिरफ्तार अभ्यर्थियों के साथ किया, उससे बिहार सरकार की भी खूब निंदा हो रही है।
बिहार में TRE-4 अभ्यर्थियों पर न सिर्फ लाठीचार्ज किया गया बल्कि उन्हें रस्सी से बांधकर जेल भी भेजा दिया। पटना पुलिस के इस रवैये की खूब किरकिरी होने लगी है।
मांग सुनने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही पुलिस और सरकार
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली आगामी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के नियमों, रिक्तियों और कैलेंडर को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। इसी सिलसिले में सैकड़ों अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग और डाकबंगला चौराहे के समीप एकत्रित हुए थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है। प्रदर्शन के दौरान जब अभ्यर्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने बर्बरता पूर्वक पीटा। पुलिस ने अभ्यर्थियों की मांग की अगुआई कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार के साथ तीन अन्य अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया। फिर अपराधियों की तरह रस्सी से बांधकर जेल ले गई।
पुलिसिया कार्रवाई की हो रही किरकिरी
छात्र नेता दिलीप कुमार के साथ तीन अन्य अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर अपराधियों की तरह रस्सी से बांधकर जेल ले जाना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर रहा है। घायल अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने जिस बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया, काफी शर्मनाक है। महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों को भी नहीं बक्शा। लेकिन फिलहाल सबसे ज्यादा आक्रोश उस तस्वीर को लेकर है, जिसमें पुलिस अभ्यर्थियों के हाथों और शरीर को मोटी रस्सियों से बांधकर ले जाती दिख रही है। लोगों का कहना है कि जो युवा कल देश के भविष्य के निर्माता बनने वाले हैं, उनके साथ खूंखार अपराधियों जैसा व्यवहार करना प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
हमने नौकरी मांगी तो...
जेल जाने के दौरान शिक्षक नेता दिलीप कुमार ने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं, और ये सभी शिक्षक अभ्यर्थी हैं। क्या बिहार में कलम की बात करना और अपना हक मांगना इतना बड़ा गुनाह है कि हमें जंजीरों और रस्सियों में जकड़ा जा रहा है? हमने नौकरी मांगी तो ये जेल भेज रहे हैं। इस घटना के बाद सम्राट सरकार और पटना पुलिस प्रशासन की चौतरफा किरकिरी हो रही है। विपक्षी दलों ने इसे युवा विरोधी कदम बता रहे हैं।