बालासोर हादसे में गई दोनों की जान।
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उड़ीसा के बालासोर में ट्रेन हादसे में बेतिया के दो युवकों की मौत हो गई थी। 5 दिन बाद यानी मंगलवार को युवक की लाश जब शनिचारी थाना इलाके के ओझा बारवां गांव पहुंची। लाशें देखते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर पीड़ित परिवार को संतावना दे रहे थे। दोनों मृतक का घर लगभग सौ गज की दूरी पर है। मरने वालों की पहचान ओझा बारवां गांव निवासी रियाजुल मियां के पुत्र मुस्लिम मिंया व मनिफ मिंया के पुत्र कासिम मियां की मौत हो गई थी।
शव गृह में इन दोनों की लाश की पहचान हुई
परिजनों ने बताया कि उन्हे ट्रेन हादसे की जानकारी मिली थी। लेकिन, इन दोनों की मौत होने की जानकारी नहीं मिली थी। घटना के बाद दोनों परिवार के लोग इन दोनों के नंबर पर कॉल लगा रहे थे। उनसे संपर्क नहीं हो रहा था। इस वजह से इन दोनों के परिवारों के लोग चिंतित थे। जब इन दोनों की तलाश में काशीम मियां के साले आस मोहम्मद व उस्मान अंसारी बालासोर गए तो वहां शव गृह में इन दोनों की लाश की पहचान हुई।
अपने पूरे परिवार का खर्च चलाता था काशीम मियां
हालांकि, प्रशासन ने वहां से इन दोनों के शवों को उड़ीसा लेकर चली गई। तत्पश्चात कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों राजमिस्त्री के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया। काशीम मियां अपने पीछे दो बेटे और बेटियों को छोड़कर चला गया। अपने पूरे परिवार का खर्च चलाता था। वहीं मुस्लिम अंसारी को भी दो पुत्री दो पुत्र हैं। इस घटना से दोनों परिवारों के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि दोनों गरीबी के कारण अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए चेन्नई जा रहे थे। वह राजमिस्त्री का पगार बिहार से ज्यादा है। इस वजह से यह लोग चेन्नई राजमिस्त्री का कार्य करने के लिए जा रहे थे।