बगहा गोलीकांड मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने थरुहट के आठ गांवों के सात सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
इसमें दरदरी, कटकुईयां, अमवा, सेमराडीह, नौरंगिया, देवताहां, सेमरा खुसुकपुर आदि गांवों के लोगों को पुलिस पर हमला करने और सरकारी काम में व्यवधान डालने का आरोपी बनाया गया है।
नौरंगिया थाना कांड संख्या 24/13 के तहत दर्ज प्राथमिकी में पुलिस इंस्पेक्टर दयानंद झा ने घटना के लिए ग्रामीणों को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरी ओर सेमरीडीह निवासी भीम महतो की ओर से एसडीपीओ शैलेश कुमार सिंहा समेत तीन थानाध्यक्षों व दो दर्जन पुलिस जवानों पर हत्या व मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एसपी सुनील कुमार ने बताया कि प्राथमिकी के बावजूद मामले की जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। उधर 9 जून से गायब व इस घटना का केन्द्र बिंदु रहे चन्द्रेश्वर काजी की खोज के लिए रामनगर के एसडीपीओ राजन सिंहा के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
उल्लेखनीय है कि नौरंगिया थाना क्षेत्र के अमवा कटहरवा गांव के पास सोमवार को पुलिस और नागरिकों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस की गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 से अधिक घायल हो गए थे।
उधर, भाकपा माले ने इस गोलीकांड की जांच रिपोर्ट भी पेश कर दी। अपनी जांच रिपोर्ट में माले ने गोलीकांड के लिए डीएम, एसपी से लेकर जदयू सांसद व विधायक तक को दोषी बताया है।
माले ने डीएम, एसपी को निलंबित करते हुए इस घटना के लिए दोषी एसडीपीओ व अन्य पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनपर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की है।
जदयू सांसद व विधायक को भी इसके लिए कसूरवार माना है। इस गोली कांड के लिए नीतीश सरकार से इस्तीफे की मांग की है। मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है।