धमाकों के साथ घुसे आतंकी, बस को बनाया निशाना
राजधानी पटना समेत बिहार की विभिन्न अदालतों को बम से उड़ाने की मिल रही लगातार धमकियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आतंकियों के रोल में छह लोग आधुनिक हथियारों और हैंड ग्रेनेड के साथ मुख्य गेट से भीतर घुसे। दहशत फैलाने के लिए उन्होंने ग्रेनेड से धमाका किया और सुरक्षाकर्मियों से भिड़ते हुए कैंपस में खड़ी एक बस को हाईजैक कर लिया। चार आतंकी बस के भीतर मोर्चा संभाले थे, जबकि दो आतंकवादी बाहर रेकी कर रहे थे।
छत से रस्सी के सहारे उतरे कमांडो
आतंकी हमले की सूचना मिलते ही पटना एटीएस की टीम ने मोर्चा संभाला और पूरे हाईकोर्ट को छावनी में तब्दील कर दिया। दो जवान रस्सी के सहारे छत से बस के ऊपर उतरे। ग्रीन सिग्नल मिलते ही छह जवानों ने खिड़कियों से आतंकियों को गन पॉइंट पर लिया। फिर पलक झपकते ही आठ जवानों की दूसरी टुकड़ी बस के भीतर घुसी और आतंकियों को दबोच लिया।
डॉग स्क्वॉड ने नाकाम की भागने की कोशिश
तलाशी के दौरान जब एक आतंकी ने जवान को धक्का देकर भागने की कोशिश की, तो वहां तैनात डॉग स्क्वॉड के खोजी कुत्ते ने पल भर में उसे दबोच लिया। इस दौरान आतंकी घायल हो गया। करीब एक घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद सभी आतंकियों को घुटनों के बल बैठाकर उनकी तलाशी ली गई और फिर उन्हें गिरफ्तार कर ले जाया गया। इस संबंध में घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बिहार के न्यायालयों को मिल रही धमकियों के मद्देनजर यह रिहर्सल अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारी टीमें किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
चीफ जस्टिस ने थपथपाई पीठ
इस पूरे मॉक ड्रिल के समय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और अन्य न्यायाधीश भी मौजूद थे। ऑपरेशन शुरू होने से पहले जस्टिस साहू ने टीम को एटीएस, बम निरोधक दस्ते और कमांडो टीम की खूब सराहना की। इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया समय को जांचना था।