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Bihar News : ऑपरेशन सिंदूर के बहाने बिहार का पुराना बदला चुकता; बिहार के युवक का हत्यारा आतंकवादी मारा गया

सार

Operation Sindoor : ऑपरेशन सिंदूर का बिहार से एक नया जुड़ाव सामने आया है। ऑपरेशन सिंदूर के बहाने बिहार का एक बदला पूरा हो गया। बिहार के एक युवक को मारने वाला आतंकवादी मंगलवार को शोपियां में मारा गया।
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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में मंगलवार को आतंकियों को मार गिराने के बाद भी सुरक्षाबलों का अभियान जारी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 25 भारतीय नागरिकों में से सिर्फ एक की पहचान बिहार की निकली थी, हालांकि उनका परिवार लंबे समय से बाहर रह रहा था। शव भी बिहार नहीं आकर झारखंड आया था। लेकिन, उसके बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में कई बहानों से बिहार का नाम आया। इतने गर्व से कि सेना की ओर से पक्ष रखने वाले चेहरे को देख बिहार गौरवान्वित हुआ। अब, मंगलवार को जम्मू-कश्मीर से ऑपरेशन सिंदूर के बहाने बिहार को एक और अच्छी खबर मिली। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया, जिनमें एक लश्कर-ए-तैयबा का अदनान शरीफ डार था। यह वही आतंकवादी था, जिसने पिछले साल 18 अक्टूबर को बिहार के बांका निवासी युवक अशोक चौहान की जान ले ली थी। मतलब, ऑपरेशन सिंदूर के बहाने बिहार का एक पुराना बदला पूरा हुआ।

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खेत में भुट्टा लेने गए अशोक की नृशंस हत्या की थी
बिहार से भारी संख्या में लोग अलग-अलग राज्यों में जाकर जीवनयापन के लिए पैसे जुटाते हैं। पलायन बिहार के लिए बड़ा मुद्दा रहा है। अक्टूबर 2024 में जब बांका के शंभूगंज प्रखंड निवासी अशोक चौहान की आतंकवादियों ने नृशंस हत्या की तो पलायन का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। बिहार के रहने वाले कई लोगों की अलग-अलग राज्यों में हत्या हुई है, लेकिन इस आतंकवादी वारदात के बाद से अशोक चौहान के गृह जिले बांका के लोग जम्मू-कश्मीर से लौटने लगे। शंभूगंज प्रखंड स्थित कैथा गांव निवासी अशोक चौहान के बड़े भाई वरुण चौहान ने बताया कि वह शोपियां जिले के मल्हौर गांव में रह रहा था और मकई के भुट्टे पकाकर बेचता था। पैसे की कमी के कारण यह लोग खुदरा और थोक व्यापारी के यहां भी काम करते थे। अशोक चौहान सुबह भुट्टा लाने वहीं मकई के खेत में गया तो लौटा नहीं। बाद में पता चला कि आतंकवादियों ने पहले चाकू से उसके गले पर प्रहार किया था और फिर सीने पर गोलियां दागकर जान ले ली थी।
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