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तेजस्वी यादव बने 'कवि', तीन कविताएं लिखकर नीतीश कुमार से पूछे ये सवाल

Thu, 14 Dec 2017 01:29 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
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क्रिकेट के मैदान से राजनीति में आए बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 'कवि' बन गए हैं। तेजस्वी इन दिनों नीतीश पर लगातार निशाना साध रहे हैं और अब कविता लिखकर उनसे बिहार के सवालों का जवाब मांग रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समीक्षा यात्रा पर है जिसमें वो अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने तीन कविताएं लिखी हैं और इनके जरिए बिहार सरकार और नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया है। तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें और सुशील मोदी को दुर्योधन और दु:शासन कह डाला। तेजस्वी यादव ने इन कविताओं के जरिए बिहार सरकार और नीतीश कुमार पर निशाना साधकर नई बहस को जन्म दे दिया है। 
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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया ट्विटर कर कविता लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किए हैं। तेजस्वी ने पहली कविता में लिखा, 'भूल विकास अब समीक्षा पर जाए, सुशासन छोड़ कुशासन संग आए, दुर्योधन-दु:शासन मिल उत्पात मचाए, जनता पुकारे,कोई तो निजात दिलाए। अब हिसाब-किताब भी होगा और समीक्षा की परीक्षा भी होगी। कैसा विकास किसका विकास, 8 साल में 3 बार शिलान्यास? झांसाकुमार जवाब दो। तेजस्वी ने नीतीश कुमार को झांसा कुमार कहकर संबोधित किया है। 

भूल विकास अब समीक्षा पर जाए
सुशासन छोड़ कुशासन संग आए
दुर्योधन-दु:शासन मिल उत्पात मचाए
जनता पुकारे,कोई तो निजात दिलाए।

अब हिसाब-किताब भी होगा
                 और
समीक्षा की परीक्षा भी होगी।

कैसा विकास किसका विकास
8 साल में 3 बार शिलान्यास?#झाँसाकुमार जवाब दो।— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) December 14, 2017


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तेजस्वी की दूसरी और तीसरी कविता पढ़ें

नीतीश कुमार और सुशील कुमार - फोटो : self
अपनी दूसरी कविता में तेजस्वी यादव ने बांध घोटाला और शौचालय घोटाला का जिक्र करते हुए बिहार में हो रहे घोटालों और गरीबों की स्थिति पर सवाल किया है। तेजस्वी यादव ने लिखा है कि, 'टूटते बांध लूटते खजाने, पूछो तो कहते रामजाने, भूखे को रोटी ना गरीब को खाना, सत्ताधारी पार्टी तो छोड़े ना पैखाना, घोटालों की ना फिक्र,खाए मखाना, सड़क ना पानी कराते बदजुबानी, पूछो सवाल तो सुनाते कहानी, किसी की नही,अपनी सुनानी, युवा है बेहाल, बेरोजगार जवानी, झांसाकुमार जवाब दो।' 

टूटते बाँध लूटते खजाने
पूछो तो कहते रामजाने

भूखे को रोटी ना गरीब को खाना
सत्ताधारी पार्टी तो छोडे ना पैखाना
घोटालो की ना फिक्र,खाये मखाना

सड़क ना पानी कराते बदजुबानी
पूछो सवाल तो सुनाते कहानी
किसी की नही,अपनी सुनानी
युवा है बेहाल,बेरोजगार जवानी#झाँसाकुमार जवाब दो
किसका विकास— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) December 14, 2017


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इससे पहले तेजस्वी ने कविता के जरिए बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया और सुशासन बाबू के नाम से पुकारे जाने वाले नीतीश कुमार की पराजय बताया। तेजस्वी ने लिखा, 'बिहार में महा-महाजंगलराज, सरकार बताए जंगली कौन? राज्य में हाहाकार, चहुंओर हत्या-बलात्कार, शहर में दहशत,गाँव में गदर, 2 दिन में 20 मर्डर, सीएम मस्त, जनता पस्त, सरेआम सुशासन की पराजय, ढिंढोरा है कानून के राज का।' 

बिहार में महा-महाजंगलराज
सरकार बतायें जंगली कौन?

राज्य में हाहाकार
चहुँओर हत्या-बलात्कार
शहर में दहशत,गाँव में ग़दर
2 दिन में 20 मर्डर
सीएम मस्त, जनता पस्त

सरेआम सुशासन की पराजय
ढिंढोरा है क़ानून के राज का— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) December 12, 2017


 
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