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मंत्री बन तारीफ बटोर रहे लालू के बेटे, अफसर भी हुए मुरीद

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चुनावों के बाद सत्ता में लौटे लालू प्रसाद यादव ने अपने दोनों बेटों को मंत्री बनवाया तो हर कोई इस बात को लेकर आशंकित था कि राजनीतिक के कच्चे खिलाड़ी तेजस्वी और तेज प्रताप यादव खुद को कितना साबित कर पाएंगे।
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खासकर नीतीश सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए गए तेजस्वी यादव पर तो हर किसी की निगाहें जमी थी क्योंकि लालू उन्हें खुद का राजनीतिक वारिस भी घोषित कर चुके थे। लेकिन एक महीने बाद पटना में सत्ता के गलियारों से जो तस्वीर उभरकर सामने आ रही है उस पर यकीन करें तो लालू के दोनों लाल जनता के साथ साथ आलोचकों की कसौटी पर भी खुद को साबित करते नजर आ रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पूरी तरह अपने काम में जुटे रहने वाले नेता की तरह जल्द से जल्द खुद को परिपक्व राजनेता के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। वहीं उनके बड़े भाई और सरकार में नंबर तीन की हैसियत रखने वाले तेज प्रताप भी तेजी से काम सीखने के संकेत दे रहे हैं।
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नौकरशाहों के साथ भी बेहतर रवैये से आ रहे पेश

शर्मीले स्वभाव के तेज प्रताप के जिम्मे स्वाथ्य मंत्रालय का कार्यभार है, शुरूआती दिनों में उन्हें कामकाज के दौरान थोड़ा घबराहट के साथ देखा जा सकता था लेकिन दिन बीतने के साथ साथ वह तेजी से फैसले लेने वाले नेता के तौर पर उभर रहे हैं। जबकि उनके छोटे भाई तेजस्वी अपनी अलग छवि बनाने की कवायद में रात दिन एक किए हुए हैं।

वहीं दोनों भाइयों के साथ काम करने वाले वरिष्ठ नौकरशाह, जो अभी तक उनके व्यवहार को लेकर सशंकित थे भी मानते हैं कि तेजस्वी तेजी से लोगों की उम्‍मीदों पर खरा उतर रहे हैं।

हालांकि उनके बड़े भाई तेज प्रताप के संबंध में टिप्पणी करने को उक्‍त अधिकारी अभी जल्दबाजी मानते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सरकार में सचिव स्तर के एक आईएएस अधिकारी कहते हैं कि तेज प्रताप अभी शासन का कहकहरा सीख रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही तेजस्वी यादव ने सीतामढ़ी के एक इंजीनियरिंग छात्र की लंबे समय से अटकी पड़ी स्कॉलरशिप को दिलवाने में व्यक्तिगत स्तर पर दिलचस्पी दिखलाई थी। छात्र ने तेजस्वी के फेसबुक वाल पर अपनी समस्या पोस्ट की थी, जिस पर तेजस्वी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
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सत्ता में तेजी से साख बना रहे तेजस्वी यादव

डिप्टी सीएम ने न केवल उक्त छात्र की स्कॉलरशिप दिलवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए बल्कि पिछड़ा वर्ग आयोग को अन्य छात्रों की अटकी पड़ी स्कॉलरशिप का भी जल्द से जल्द भुगतान के लिए कहा।
 
राजनीतिक रूप से भी तेजस्वी काफी परिपक्व नजर आ रहे हैं, इसकी झलक उस समय भी दिखी जब बीते 7 दिसंबर को विधानसभा में कांग्रेस विधायक सदानंद सिंह द्वारा नेशनल हाइवे की मरम्मत के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर विधानसभा में अपना पहला जवाब देते हुए कहा, जनता ने ये सत्ता उन्हें काम करने के लिए दी है भोग लगाने के लिए नहीं।

हम नियत समय में अपना काम अच्छी तरह करके दिखाएंगे। 26 साल के एक राजनीतिज्ञ के इस जवाब से सदानंद भी संतुष्ट होते दिखे। वहीं राजद के महासचिव सनोज यादव कहते हैं कि तेजस्वी जिस तरह विधानसभा और उसके बाहर एक परिपक्व रवैया अपनाए हुए हैं उससे वह जल्द ही अपने आलोचकों को संतुष्ट कर देंगे। वे ये कहने से भी नहीं चूकते कि विरोधियों को जल्द ही दोनों नेताओं में लालू की क्षमता का एहसास भी हो जाएगा।
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