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Bihar News: छात्रा संग आपत्तिजनक फोटो वायरल मामले में शिक्षक निलंबित, मारपीट और धमकी देने का भी आरोप

Fri, 04 Jul 2025 05:03 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज

सार

किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड के सारोगरा +2 विद्यालय में कार्यरत शिक्षक विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर एक छात्रा के साथ अश्लील फोटो वायरल होने, एक पूर्व छात्र से मारपीट करने और स्कूल के रात्रि प्रहरी को धमकाने के आरोप हैं। 
 
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जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) नासिर अहमद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किशनगंज के पोठिया प्रखंड स्थित सारोगरा +2 विद्यालय में कार्यरत शिक्षक विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के गंभीर आरोप हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार, फोटो वायरल होने के बाद शिक्षक विजय कुमार ने संदेह के आधार पर विद्यालय के एक पूर्व छात्र जिशान को बुधवार शाम 6 बजे स्कूल बुलाया। वहां उन्होंने जिशान पर फोटो वायरल करने का आरोप लगाते हुए उस पर हमला कर दिया। इसके बाद शिक्षक ने स्कूल के रात्रि प्रहरी विशाल कुमार को एलईडी टीवी तोड़ने का आदेश भी दिया।
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विजय कुमार ने छात्र को धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया तो उस पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और हरिजन एक्ट के तहत जेल भिजवा दिया जाएगा। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रधानाध्यापक ने पूरे मामले की सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दी। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) नासिर अहमद को भी रिपोर्ट भेजी गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड स्तर से प्राप्त रिपोर्ट में शिक्षक विजय कुमार पर छात्रा के साथ अनैतिक व्यवहार, छात्र से मारपीट और रात्रि प्रहरी को धमकाने जैसे आरोप हैं। विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2024 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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निलंबन की शर्तें:
निलंबन अवधि में विजय कुमार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, टेढ़ागाछ में नियमित उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस दौरान उन्हें मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, उनके खिलाफ आरोप-पत्र और विभागीय कार्रवाई से संबंधित पत्र भी जल्द ही जारी किए जाएंगे।
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यह मामला शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता और नैतिक आचरण से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में "शून्य सहनशीलता" की नीति अपनाई जाएगी।
 
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