सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर गुत्थी दिनोंदिन उलझती जा रही है, साथ ही इसे लेकर राजनीति और बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इस मामले को लेकर बिहार और महाराष्ट्र सरकार भी आमने-सामने है। बुधवार को इस मामले में रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुबह 11 बजे फैसला सुनाएगा।
बता दें कि इससे पहले जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी तो रिया की ओर से वकील श्याम दीवान मौजूद थे, वहीं बिहार सरकार का पक्ष वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने रखा था। सुशांत के पिता की ओर से वकील विकास सिंह और महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना है कि रिया के खिलाफ मामले की जांच कौन करेगा। आखिरी बार हुई सुनवाई में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगा था। बिहार सरकार ने अधिवक्ता केशव मोहन के जरिए पेश किए गए लिखित अभिवेदन में कहा गया था,'जांच का जिम्मा संभालने और इसे तेजी से निपटाने के सीबीआई के रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा डालने की अनुमित नहीं दी जानी चाहिए।' वहीं रिया चक्रवर्ती ने अपने लिखित अभिवेदन में कहा कि बिहार पुलिस के आदेश पर जांच का जिम्मा सीबीआई को स्थानांतरित किया जाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
रिया ने पटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने को लेकर कोर्ट में दलील दी थी कि सुशांत के पिता की एफआईआर का पटना में किसी अपराध से कोई कनेक्शन नहीं है, मामला एक तरफा है। राज्य इसमें भारी दखल दे रहा है। बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं बिहार पुलिस ने कहा था कि मुंबई पुलिस राजनीतिक दबाव में तथ्यों को छिपा रही है।