शहाबुद्दीन मामले में लगातार सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी झेल रही बिहार सरकार को एक बार फिर फटकार लगी है। बुधवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को इस बात के लिए फटकारा कि शहाबुद्दीन के खिलाफ अभी तक सभी मामलों में राज्य सरकार सोई रही और पैरवी करने में ढिलाई बरती जिसकी वजह से उसे हाइकोर्ट से जमानत मिल गई।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात से भी नाराजगी जताई कि मौजूदा मामले में भी राज्य सरकर ने हाइकोर्ट के सामने पूरे साक्ष्य नहीं रखे और दो भाइयों की हत्या के मुकदमे में पैरवी में भी ढिलाई बरती जिसकी वजह से हाइकोर्ट के सामने उसे जमानत देने के सिवाय कोई चारा नहीं रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा हाइकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार सोती रही जिसका फायदा शहाबुद्दीन को मिल गया। जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस अमिताभ राय की पीठ ने सरकार के सामने एक के बाद एक प्रश्नों की लाइन लगा दी।