स्वामी ने कहा कि नीतीश कुमार को पता करना चाहिए कि भाजपा के नेता किस कारण से नाराज हैं। उन्होंने गिरिराज सिंह की टिप्पणी का भी समर्थन करते हुए कहा कि वह स्पष्टवादी नेता हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ के दौरान नीतीश कुमार की खासी आलोचना हुई है। विषम हालातों को देखते हुए कुछ दूरियां जरूर बढ़ी है। शायद इसी को देखते हुए दशहरा के दौरान पार्टी के कोई भी नेता शामिल नहीं हुए होंगे।
मालूम हो कि रावण वध कार्यक्रम के दौरान किसी भी भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मौजूद नहीं रहे थे। नीतीश कुमार को समर्थन देने वाले डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी उनके साथ नहीं दिखे थे।
मालूम हो कि बिहार में भारी बारिश के बाद बाढ़ और जलजमाव जैसे हालातों के लिए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने एक के बाद एक तल्ख टिप्पणियां की थी। वहीं, प्रदेश के मंत्री अशोक चौधरी समेत जदयू नेताओं ने गिरिराज पर पलटवार किया था। वहीं, जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा था कि पीएम मोदी और अमित शाह गिरिराज के बयानों पर संज्ञान लें।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एनडीए गठबंधन के खिलाफ बयानबाजी करने को लेकर चेताया था और ऐसे बयान न देने की सलाह दी थी। इधर, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने एनडीए में सब ठीक होने की बात कही है।