वन विभाग अधिकारियों ने बताया कि यह शांत स्वभाव वाला सांप नहीं है। यह सिर्फ कीड़े और चूहों का शिकार बनाना था। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे सांप वाले नस्ल की चीन जैसे देशों में उच्च मांग के कारण शिकार किया जाता है।
अदालत में न्याय या सजा के लिए अक्सर लोगों को भागते देखा गया है, लेकिन पहली बार कोर्ट में एक सांप को जज का संरक्षण मिला और न्याय भी। यह मामला बिहार के बेगूसराय जिले का है, जहां पर बुधवार को दो मुंह वाले सांप को एक कंटेनर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश चंद्र झा की अदालत में पेश किया गया।
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जज सतीश को इस बात की जानकारी थी कि यह एक दुर्लभ प्रवृत्ति का सांप है। जो अधिकतर राजस्थान में मिलता है। इसका नाम रेड सैंड बोआ है। इसलिए तत्काल उसे अपने संरक्षण में लेकर वन विभाग के अधिकारियों को सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बताया जा रहा है कि इस सांप की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये है। इस मामले में, वन विभाग अधिकारियों ने बताया कि यह शांत स्वभाव वाला सांप नहीं है। यह सिर्फ कीड़े और चूहों का शिकार बनाना था। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे सांप वाले नस्ल की चीन जैसे देशों में उच्च मांग के कारण शिकार किया जाता है। ऐसी अफवाह है कि इसके सेवन से कोमोत्तोजक गुण में वृद्धि होती है।