स्मार्ट मीटर (सांकेतिक तस्वीर)
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तय लोड से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सावधान होने की जरुरत है। स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर वाले उपभोक्ताओं को खपत के अनुसार अपना लोड बढ़वाना होगा। ऐसा न करने पर छह महीने बाद उन्हें दोगुनी राशि चुकानी होगी। दरअसल, बिजली विभाग ने तय लोड से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं का छह माह का समय दिया है।
तीन माह में लगाए जाएंगे तीन लाख घरों में स्मार्ट मीटर
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर लोग घरों के लिए बिजली का कनेक्शन पर दो से तीन किलोवाट का लोड लेते हैं। बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वजह से बिजली की खपत अधिक होती है। हालांकि, उपभोक्ताओं को अभी भी तय चार्ज से दोगुना पैसा बिजली विभाग को चुकाना पड़ रहा हैं। प्रधान ऊर्जा सचिव संजीव हंस के मुताबिक, प्रदेश में 11 लाख 21 हज़ार घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि आगामी दो माह में तीन लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उपभोक्ताओं को एक दिन में दो से तीन हजार करने चाहिए बिजली की खपत
बता दें कि स्मार्ट मीटर में तय लोड से अधिक बिजली खपत होने पर फिक्स्ड चार्ज कट जाता है। अधिकारियों की माने तो एक दिन में उपभोक्ताओं को दो से तीन हजार वाट ही बिजली की खपत करनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने घरों में एक से अधिक एसी, टीवी, वाशिंग मशीन आदि ले रखे हैं।
अगले छह माह तक नहीं ली जाएगी दोगुनी राशि
लोग आए दिन दोगुना बिजली का बिल आने की शिकायत अधिकारियों से कर रहे है। बिजली कंपनी ने विनियामक आयोग के सामने याचिका दायर कर दी है। माना जा रहा है कि आयोग की ओर से निर्णय आने पर नवंबर से उपभोक्ताओं को दोगुनी चार्ज नहीं वसूला जाएगा। लेकिन इस बीच उपभोक्ताओं को खपत के अनुसार लोड बढ़वाना होगा। प्रदेश सरकार की मांग पर इसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।