सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड स्थित करुणा गांव के किसान परिवार से आने वाले धीरज सिंह ने सात वर्षों के संघर्ष और मेहनत के बाद 2025 में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की परीक्षा पास कर ली।
सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड स्थित करुणा गांव के रहने वाले धीरज सिंह ने कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनकर मिसाल कायम की है। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले धीरज ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
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धीरज की शुरुआती शिक्षा सरयू हाई स्कूल, सुरसंड से हुई थी। उन्होंने 2008 में 10वीं और 2010 में 12वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद 2013 में बीकॉम की पढ़ाई सीतामढ़ी से पूरी की। पारिवारिक आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने पढ़ाई के तुरंत बाद नौकरी करना शुरू कर दिया। पांच वर्षों तक नौकरी करने के बाद धीरज ने 2018 में सीए बनने का निर्णय लिया और दिल्ली के लक्ष्मीनगर में रहकर तैयारी शुरू की।
तैयारी के दौरान धीरज को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कोचिंग की फीस, दिल्ली में रहने का खर्च और पढ़ाई का दबाव लगातार बना रहा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी नौकरी की बचत, दोस्तों और परिवार के सहयोग से संघर्ष जारी रखा। कई बार परीक्षा में असफलता मिलने के बाद भी वे डगमगाए नहीं और हर बार नए उत्साह के साथ आगे बढ़े।
लगातार सात वर्षों के संघर्ष के बाद 2025 में उन्होंने सीए की फाइनल परीक्षा पास कर ली। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव और जिले को गर्व से भर दिया है। धीरज की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है जो कठिनाइयों से हार मान लेते हैं। अब उनका छोटा भाई भी उनके पदचिह्नों पर चलने की तैयारी कर रहा है। धीरज का कहना है, “अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्चे दिल से की जाए, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।”