शोभायात्रा में जुटी भीड़।
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भारी सुरक्षा के बीच बाबा मणिराम के अखाड़ा तक पहुंचाया
दरअसल रामनवमी शोभा यात्रा बिहार शरीफ में कई वर्षों से आयोजित हो रही है। परंपरा यह रहती है कि भगवान राम सीता की प्रतिमा को बाबा मणिराम के अखाड़ा तक ले जाया जाए और वहां पूजन के बाद शोभायात्रा को समाप्त किया जाए। लेकिन इस बार शोभायात्रा अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सका था। इसके कारण भगवान राम और सीता की मूर्ति को मुगल कुआं में पुलिस की देखरेख में रखा गया था जिसे आज भारी सुरक्षा के बीच बाबा मणिराम के अखाड़ा तक पहुंचाया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं अखाड़ा समिति के द्वारा जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
जिले में कर्फ्यू लगाना पड़ा गया था
बता दें कि 31 मार्च और एक अप्रैल को रामनवली जुलूस के दौरान दो पक्षों में भिड़ंत के बाद
हिंसा भड़क गई थी। इसमें पहाड़पुर के पास दो पक्षों में कहासुनी के बाद फायरिंग शुरू हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से 30-40 राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग में दो पक्षों के एक-एक को गोली लगी, जिसमें 17 साल के गुलशन की मौत हो गई थी। एक भवन में आग लगा दी गई थी। उपद्रव इतना बढ़ा कि तनाव पर काबू पाने के लिए धारा 144 से काम नहीं चला। प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ गया था। इतना ही नहीं हालात शांत करने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी थी। हालांकि, प्रशासन-पुलिस और स्थानीय लोगों की कोशिश से जल्द ही हालात सामान्य हो गया।