जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के बाद से ही बागी हुए शरद यादव पर नीतीश ने बड़ी कार्रवाई की है। शरद यादव को राज्यसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया है।
इस कार्रवाई के बाद बिहार दौरे पर पहुंचे शरद यादव ने कहा कि जेडीयू केवल नीतीश कुमार की पार्टी नहीं है, ये मेरी भी पार्टी है। दौरे के अंतिम दिन मधेपुरा पहुंचे यादव ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी से नहीं डरा।
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इस संबंध में राज्यसभा के सभापति को लिखे पत्र में शरद यादव की जगह वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह को सदन में पार्टी का नेता बनाने की बात कही गई है। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि 'शरद यादव को हटाया नहीं गया है बल्कि उनकी जगह आरसीपी सिंह को दी गई है।'
He(Sharad Yadav) hasn't been removed, just replacing him with RCP Singh.Was important due to Yadav's recent actions: Vashishtha Narayan, JDU pic.twitter.com/bKtqus6zRX
— ANI (@ANI) August 12, 2017
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बता दें कि एक दिन पहले राज्य सभा सांसद अली अनवर पर भी पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी के संसदीय दल से निलंबित कर दिया था। अनवर को शरद का बेहद करीबा माना जाता है।
पहले ही लिखी जा चुकी थी नीतीश-बीजेपी के गठबंधन की स्क्रिप्ट
इससे पहले शरद यादव ने कहा है कि नीतीश बीजेपी से हाथ मिलाने वाले हैं इसकी स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि नीतीश ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले मुझसे एक बार भी बात नहीं की।
नई पार्टी बनाने पर शरद कह चुके हैं कि वह इसका फैसला जनता पर छोड़ रहे हैं। महागठबंधन टूटने के बाद वह बिहार दौरे पर हैं। जहां अगले तीन दिनों तक वह सात जिलों में घूम-घूमकर लोगों से संवाद कर रहे हैं जिसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।