गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिनी बिहार दौरे के दूसरे दिन किशनगंज में कई कार्यक्रमों में शिरकत की। शाह ने दिन की शुरुआत शहर में सांप्रदायिक सौहार्द के लिए प्रसिद्ध ‘बूढ़ी काली मंदिर‘ में पूजा से की। इसके बाद वे भाजपा नेताओं की बैठक में शामिल हुए। एसएसबी की पांच सीमा रक्षा चौकियों का उद्धाटन किया और फिर एसएसबी, बीएसएफ व आईटीबीपी के महानिदेशकों की बैठक में सीमा के हालात की समीक्षा की। शाह ने चौकियों के उद्घाटन कार्यक्रम में नेपाल-भूटान से सटी खुली सीमा के खतरे बताए।
नीतीश और लालू पर बोला था हमला
इससे पहले कल अमित शाह ने पूर्णिया में लालू यादव व नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने लालू यादव को नसीहत दी कि कहीं नीतीश कुमार फिर से पाला न बदल लें। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में जंगलराज वापस लौट आया है, आने वाले चुनाव में बिहार में भाजपा की सरकार बनेगी।
...जब नाराज हुए गिरिराज, नेताओं ने की मान मनौव्वल
गृह मंत्री शाह ने शुक्रवार को किशनगंज में भाजपा नेताओं के साथ बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सुरक्षा कारणों से वहां जाने से रोक दिया। इससे वे खफा हो गए। बैठक के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। अंदर सिर्फ उन्हीं लोगों को जाने दिया जा रहा था, जिन्हें पास उपलब्ध कराया गया था। इस बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी पहुंचे, लेकिन बैठक का पास न होने के कारण सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद वे भड़क गए और वापस सर्किट हाउस चले गए। सिंह इतने नाराज हो गए कि उन्होंने बैठक में आने से ही मना कर दिया। इसके बाद भाजपा के बड़े नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम ताराकिशोर प्रसाद समेत अन्य नेताओं ने उनसे मान-मनौव्वल की, तब जाकर गिरिराज सिंह माने और बैठक में शामिल हुए।