सुप्रीम कोर्ट ने दो आरोपियों को एक ही परिवार के सात लोगों को जलाने के अपराध में फांसी की सजा सुनाई है।
आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के परिवार से एक भैंस चुराई थी। आरोपियों ने इसके लिए पीड़ित पक्ष को धमकाया और इसके बावजूद पीड़ित के एफआईआर दर्ज कराने पर पूरे परिवार को सोते हुए जिंदा जला दिया था।
घटना 2006 की है जब आरोपियों ने पति-पत्नी और उनके चार नाबालिग बच्चों पर कैरोसीन डाल कर उन्हें जला दिया था।
पहले मामला कई सालों तक बिहार के हाजीपुर की निचली अदालत में चलता रहा। लेकिन मामले के सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद इस मामले पर आरोपियों को 7 साल बाद सजा सुनाई है।
इस मामले पर सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा गया कि जिस तरह बर्बरता से परिवार के निर्दोष लोगों को घर में बंद करके जला दिया गया है उसे 'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' के मामले के तहत देखा गया है। इसलिए दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है।