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Waqf Amendment Act: वक्फ कानून के खिलाफ भाकपा माले और इंसाफ मंच का मार्च, पहलगाम आतंकी हमले पर भी प्रदर्शन

Sat, 03 May 2025 03:12 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

CPI (ML) And Insaaf Manch March Protest: बिहार में वक्फ कानून के खिलाफ भाकपा माले और इंसाफ मंच ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले का भी विरोध किया गया।
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प्रदर्शन में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाकपा माले और इंसाफ मंच ने वक्फ बोर्ड संशोधन कानून को संविधान पर हमला करार देते हुए इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भी देश की एकजुटता का संदेश दिया।

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संगठनों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जा करना चाहती है, जो मुस्लिम समुदाय द्वारा दान की गई संपत्तियां हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून न केवल मुस्लिमों, बल्कि भविष्य में सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध समुदायों की संपत्तियों को भी निशाना बना सकता है। इसे संविधान के मूल ढांचे पर हमला बताते हुए कानून पर रोक लगाने की मांग की गई।

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प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले और इंसाफ मंच ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की, जिसमें 28 लोग मारे गए। संगठनों ने कहा कि देश इस हमले के खिलाफ एकजुट है, लेकिन प्रधानमंत्री बिहार में सभाएं करने और सर्वदलीय बैठकों से दूरी बनाने में व्यस्त हैं। इन मुद्दों को उठाने के लिए सीवान में ललित बस स्टैंड से मार्च निकाला गया, जो हॉस्पिटल मोड़ होते हुए जेपी चौक पर सभा में तब्दील हो गया।

मार्च का नेतृत्व भाकपा माले जिला सचिव हंसनाथ राम, केंद्रीय कमिटी सदस्य व दरौली विधायक सत्यदेव राम, जिरादेई विधायक अमरजीत कुशवाहा, राज्य कमिटी सदस्य मुकेश कुशवाहा, ऐपवा राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता, मजदूर यूनियन राज्य सचिव अमित शाह, नेमत खान, अजमत, सोहेल, आबिद हुसैन, जयशंकर पंडित, उपेंद्र कुशवाहा, दयानंद कुशवाहा, सत्येंद्र चौहान, राजू राम और गौतम पांडेय ने किया। 
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वक्ताओं ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 26 का उल्लंघन करता है। उन्होंने सरकार से इस कानून को तत्काल रद्द करने और आतंकी हमलों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की। सभा में बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी इस कानून के समय पर सवाल उठाए गए।

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