गोपालगंज में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) बनकर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित को फोन करने वाले दो ठगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
गोपालगंज में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) बनकर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित को फोन करने वाले दो साइबर ठगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। ये ठग फुलवरिया थाने का प्रभारी बनवाने के लिए बरौली थाने में तैनात दारोगा शमशाद रजा की पैरवी कर रहे थे। मामले के खुलासे के बाद एसपी ने दारोगा को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
क्या था मामला?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने एसपी अवधेश दीक्षित को फोन कर खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी गोपाल मंडल बताया और दारोगा शमशाद रजा को थानाध्यक्ष बनाए जाने की सिफारिश की। फोन कॉल पर एसपी को शक हुआ और उन्होंने तत्काल एसटीएफ को जानकारी दी।
एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठग जालिम मियां और हसीब खान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। इस प्रकरण ने एक बार फिर पुलिस और प्रशासन में साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।