टोपोलैंड संघर्ष समिति, सोनपुर के आह्वान पर सोमवार को आयोजित 'जनता कर्फ्यू' के दौरान सोनपुर नगर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। समिति के अनुसार, भूमि अधिकार, उचित मुआवजा, टोपोलैंड विवाद, जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक, दाखिल-खारिज तथा रसीद नवीकरण जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित इस शांतिपूर्ण आंदोलन में व्यापारियों, भू-स्वामियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने समर्थन दिया।
सुबह से ही महेश्वरी चौक, रजिस्ट्री बाजार, सोनपुर मार्केट, गोला मंडी सहित कई प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद के कारण सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही रही। वहीं, बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री खरीदने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिनोद सम्राट तथा समिति के सदस्यों सुधीर सिंह, बीरेंद्र शर्मा, भरत सिंह, पवन शर्मा और डॉ. आशुतोष कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि यह आंदोलन भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान और लोगों के अधिकारों की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। उनका कहना है कि जनता के समर्थन से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। समिति के अनुसार, बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर, गज-ग्राह चौक, शहीद महेश्वर चौक, पीएनबी बैंक चौक, रजिस्ट्री बाजार, सोनपुर स्टेशन चौक और गोला बाजार सहित विभिन्न इलाकों में बंद का असर रहा।
पढे़ं: पटना सिटी में खाद्य तेल के गोदाम में लगी भीषण आग, 50 लाख से अधिक की संपत्ति जलकर खाक
समिति के महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार ने बंद को सफल बनाने में सहयोग देने वाले व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। समिति ने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन टोपोलैंड तथा जमीन निबंधन से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करेंगे। समिति ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में कुणाल सिंह चौहान, अभिमन्यु सिंह 'टुनटुन', जितेंद्र सिंह, अधिवक्ता नवल कुमार सिंह, चंदन कुमार सिंह, पंकज सिंह, बड़े सिंह, राहुल प्रताप सिंह और मनोज तिवारी सहित कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।