सोनपुर मेले में इस बार लगभग 30 करोड़ रुपये के पशुओं की खरीद-बिक्री हुई है। हरिहर क्षेत्र में 32 दिनों तक चले इस मेले में 10 दिसंबर तक सबसे ज्यादा कारोबार घोड़ा बाजार में हुआ। 31 दिनों की अवधि में कुल 2093 घोड़े बिके, जिनसे 29,44,56,000 रुपये का व्यापार हुआ। इसके मुकाबले सिर्फ 11 गायें बिकीं, जिससे 10,30,000 रुपये की खरीद-बिक्री हुई। इसके अलावा एक भैंस भी 80 हजार रुपये में बिकी।
ये सभी आंकड़े सोनपुर मेला शिविर से जारी प्रतिवेदन में दिए गए हैं, जिस पर मेला प्रभारी और सारण के अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मुकेश सहाय के हस्ताक्षर हैं। प्रतिवेदन के अनुसार, इस साल 14 नवंबर 2025 को मेले में सबसे ज्यादा 2060 घोड़े मौजूद थे। 19 नवंबर को सबसे अधिक 17 गायें, 12 नवंबर को 10 बैल, 24 नवंबर को 17 भैंस, 12 दिसंबर को 625 बकरियां और 15 नवंबर को 450 कुत्तों की उपस्थिति दर्ज की गई।
21 नवंबर 2025 को एक घोड़ा 11 लाख रुपये में बिका, जो इस मेले की सबसे महंगी बिक्री रही। वहीं सबसे कम कीमत 16 नवंबर को दर्ज की गई, जब एक घोड़ा केवल 32 हजार रुपये में बिका।
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मेले में 15 नवंबर को विभिन्न नस्लों के 450 कुत्ते सबसे ज्यादा मौजूद थे। इसके विपरीत 10 नवंबर को सिर्फ 4 घोड़े और 2 गायें थीं। 15 नवंबर को बैलों की मौजूदगी केवल 6 थी। 8 नवंबर को भैंस बाजार में सिर्फ 2 भैंस मिलीं। 9 नवंबर को बकरी बाजार में केवल 40 बकरियाँ थीं, जबकि 10 नवंबर को कुत्तों की संख्या घटकर सिर्फ 45 रह गई थी। मेले के दौरान 682 बकरियां बिकीं, जिनसे लगभग 50 लाख रुपये का व्यापार हुआ। वहीं 171 कुत्तों की बिक्री से करीब 8,50,000 रुपये का कारोबार हुआ।