ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
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वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि यहां मतदान केंद्र नहीं तो वोट नहीं। उनका कहना है कि इतनी दूर जाकर वोटिंग करने में खासकर महिलाओं को परेशानी होगी। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि जब पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव के लिए सामुदायिक भवन में वोटिंग कराई जा सकती है तो लोकसभा चुनाव में पांच किलोमीटर दूर मतदान केंद्र ले जाने की क्या जरूरत पड़ गई। उन्होंने सीधा-सीधा जिला प्रशासन को इसका जिम्मेदार ठहराया।
गौरतलब है कि जहां एक तरफ वोटिंग को लेकर जिला प्रशासन मतदाताओं को जागरूक कर रही है। साथ ही जरूरी सुविधा मुहैया कराने की बात कह रही है। ताकि मतदान प्रतिशत में ज्यादा से ज्यादा बढ़ोतरी कराई जा सके। लेकिन इसी दरम्यान ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्कार करने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन पर भी तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं।