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Bihar: CSP संचालक की हत्या से मचा बवाल, लाइनर गिरफ्तार लेकिन मुख्य आरोपी फरार, पुलिस पर उठे सवाल

Wed, 25 Mar 2026 07:29 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

सीवान में सीएसपी संचालक अशोक पटेल को गोली मारकर 5 लाख रुपये लूटने के मामले में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में लाइनर प्रमोद कुमार को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिसने 50 हजार रुपये के लालच में अपराधियों को जानकारी दी थी।
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीवान के सराय थाना क्षेत्र के बभनौली गांव के पास बीते शुक्रवार को सीएसपी संचालक अशोक पटेल को तीन गोली मारकर बदमाशों ने 5 लाख रुपये लूट लिए थे। गंभीर रूप से घायल अशोक पटेल ने इलाज के दौरान लखनऊ में दम तोड़ दिया। मंगलवार देर रात उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
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पुलिस का दावा- लाइनर गिरफ्तार

बुधवार को एसपी पूरन कुमार झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले के खुलासे का दावा किया। उन्होंने बताया कि इस कांड में लाइनर की भूमिका निभाने वाले प्रमोद कुमार को सिसवन ढाला से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रमोद कुमार महादेवा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक संदिग्ध बाइक बरामद की गई है।

50 हजार के लालच में दी थी जानकारी

पुलिस ने बताया कि प्रमोद कुमार एक्सिस बैंक में चाय-पानी का काम करता था और उसका कोई आधिकारिक सत्यापन नहीं हुआ था। अपराधियों ने उसे 50 हजार रुपये का लालच दिया, जिसके बाद उसने अशोक पटेल की गतिविधियों की जानकारी अपराधियों तक पहुंचाई। इसी जानकारी के आधार पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस पर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले में कई ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य हमलावर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं, सिर्फ लाइनर की गिरफ्तारी को ही बड़ी सफलता के तौर पर पेश किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ जनाक्रोश को शांत करने के लिए की गई है?
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सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

इसके साथ ही यह बात भी चौंकाने वाली है कि एक सामान्य काम करने वाले व्यक्ति के पास हथियार और कारतूस बरामद होने की बात सामने आई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की कमजोरी भी उजागर हो रही है। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो शायद अशोक पटेल की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल लोगों का मानना है कि पुलिस की यह कार्रवाई संतोषजनक नहीं है और जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक इस मामले में न्याय अधूरा रहेगा।
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