बिहार के सिवान जिले में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में सामने आया कि अपराधी गांव के अंतिम छोर पर स्थित घरों को निशाना बनाते थे। दोनों मृतक रात 11:30 बजे से 2 बजे के बीच घर के बाहर सो रहे थे। गला काटकर हत्या करने के बाद अपराधी आसानी से फरार हो जाते थे। एसपी ने कहा कि इन हत्याओं का मकसद इलाके में दहशत फैलाना और मुख्य आरोपी प्रकाश राम का आतंक कायम करना था।
तकनीकी जांच से खुला राज
एसआईटी ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साईपुर चरगछिया निवासी मृत्युंजय राम, ब्रजेश राम और अभिषेक राम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रकाश राम के कहने पर हत्याएं करते थे। गिरफ्तार मृत्युंजय ने बताया कि प्रकाश ने प्रत्येक हत्या के लिए ढाई से तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। वह खुद गला काटता था, जबकि उसके साथी पीड़ितों के हाथ-पैर पकड़ते थे।
तीसरी हत्या की साजिश समय रहते विफल
लिस ने 7 जून को होने वाली तीसरी हत्या की योजना को समय रहते नाकाम कर दिया। अपराधियों ने इसके लिए गांव भी चिह्नित कर लिया था, लेकिन एसआईटी की सतर्क निगरानी और कार्रवाई के कारण वारदात होने से पहले ही साजिश विफल हो गई।
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फरार मुख्य आरोपी की तलाश तेज
मुख्य आरोपी प्रकाश राम अभी फरार है। उस पर डकैती, हत्या, आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक का मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त चाकू, दाब और खून लगे कपड़े बरामद किए हैं। बरामद सामान को जांच के लिए भेजा गया है। एसपी पुरन कुमार झा ने कहा कि दोहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के मुख्य आरोपी प्रकाश राम को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।