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Bihar News: शहीदों की याद में बिहार में गणतंत्र दिवस का विशेष आयोजन, दो वीर जवानों का नाम इंडिया गेट पर अंकित

Sun, 26 Jan 2025 08:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Republic Day: मुकरेड़ा गांव के उपमुखिया ने बताया कि शहीद राम बहाल सिंह और लाल साहब सिंह का नाम दिल्ली के प्रसिद्ध इंडिया गेट पर भी अंकित है। इस सम्मान के कारण गांव के लोग इन शहीदों को हमेशा गर्व के साथ याद करते हैं।
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झंडोत्तोलन कर शहीद जवानों को किया याद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सारण जिला के रिविलगंज प्रखंड के मुकरेड़ा गांव में गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित एक विशेष समारोह में शहीदों को याद किया गया। यह गांव उन वीर जवानों की भूमि है जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध (1914-1919) में हिस्सा लिया और अपनी जान देश के लिए न्योछावर कर दी। राम बहाल सिंह और लाल साहब सिंह, ये दोनों शहीद राजपूताना राइफल्स के सैनिक थे। उनकी शहादत आज भी गांववालों के दिलों में जीवित है। इस अवसर पर शहीदों की याद में आयोजित आयोजन ने न केवल उनके बलिदान को सम्मानित किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनकी वीरता से प्रेरित करने का एक अवसर भी प्रदान किया।

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गणतंत्र दिवस के विशेष आयोजन में शहीदों को श्रद्धांजलि
मुकरेड़ा गांव के लोग हमेशा गर्व से शहीदों की शहादत को याद करते हैं। इस दिन शहीदों की स्मृति में गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जीर्णोद्धारित स्मारक का लोकार्पण हुआ और शहीदों की याद में माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में गांव के बुजुर्गों द्वारा झंडारोहण भी किया गया।

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इंडिया गेट पर अंकित शहीदों के नाम
गांव के उपमुखिया रोहित कुमार सिंह उर्फ टिंकू सिंह ने बताया कि शहीद राम बहाल सिंह और लाल साहब सिंह का नाम दिल्ली के प्रसिद्ध इंडिया गेट पर भी अंकित है। इस सम्मान के कारण गांव के लोग इन शहीदों को हमेशा गर्व के साथ याद करते हैं। यह स्मारक इन दोनों वीर सपूतों की शहादत को जीवित रखने का एक माध्यम बन गया है।
 
शहीदों की शहादत की अनकही कहानियां
शहीद राम बहाल सिंह के पोते अरुण सिंह ने बताया कि उनके दादा जी की शहादत के समय उनके बेटे अवध बिहारी सिंह की उम्र मात्र नौ महीने थी। वहीं शहीद लाल साहब सिंह की एक ही बेटी थी। युद्ध के दौरान इन दोनों की शहादत की खबर तो गांव को मिली, लेकिन उनका शव कभी भी गांव नहीं लौटा। हालांकि अंग्रेज अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्मारक पर आकर इन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती रही है।

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मुकरेड़ा के शहीदों की वीरता का प्रतीक स्मारक
स्थानीय वरीय अधिवक्ता श्रीनिवास सिंह ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध में इस गांव के 26 जवानों ने भाग लिया था, जिसमें से दो ने शहादत पाई थी। अंग्रेजों ने इन जवानों की वीरता को सम्मानित करने के लिए गांव में एक स्मारक बनवाया था। यह स्मारक गांव के बाहरी छोर पर स्थित है, ताकि जब भी अंग्रेज अधिकारी गांव में आते, वे पहले इस स्मारक के पास जाकर सलामी देते थे और फिर गांव में प्रवेश करते थे।


 
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्ति
झंडारोहण समारोह में प्रमुख रूप से प्रो. पृथ्वीनाथ सिंह, पूर्व शिक्षक शिव बालक सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनिवास सिंह, मुखिया मनोज कुमार, उपमुखिया रोहित कुमार सिंह, अवकाश प्राप्त डीएसपी राजदेव सिंह और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर गांव के लोगों ने शहीदों की वीरता को याद करते हुए उनके बलिदान को सलाम किया। साथ ही यह सुनिश्चित किया कि आने वाली पीढ़ियों को इनकी शहादत से प्रेरणा मिलती रहेगी।

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