खुद आर्थिक तंगी झेल रहे कार्यपालक सहायकों ने आपसी सहयोग से राशि जुटाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। सारण में उनकी इस पहल ने वेतन संकट के बीच मानवीय संवेदना की एक अलग तस्वीर पेश की है। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की सारण जिला इकाई के जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नीलेश कुमार के नेतृत्व में परसा प्रखंड के मुजौना मुसहर टोली, महादलित बस्ती और मुजौना बाजार के समीप स्थित दलित बस्ती में राहत सामग्री का वितरण किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष नीलेश कुमार ने बताया कि इस अभियान के दौरान करीब एक हजार फूड पैकेट के साथ जरूरत की कई सामग्रियां बांटी गईं। राहत सामग्री में सैनिटरी नैपकिन, दूध के पैकेट, बिस्कुट, भुंजा, इलेक्ट्रॉल पाउडर और सेवलॉन समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।
दूसरों के दर्द पर भारी नहीं पड़ा अपना संकट
संघ के जिलाध्यक्ष नागमणि प्रसाद ने बताया कि आवास विभाग और मनरेगा में कार्यरत कार्यपालक सहायकों का सात महीने से वेतन लंबित है। वहीं, पीआरडी और सामाजिक सुरक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के कार्यपालक सहायकों को भी तीन महीने से भुगतान नहीं मिला है।
राहत वितरण के दौरान जुटी बाढ़ पीड़ितों की भीड़
राहत वितरण के दौरान जुटी बाढ़ पीड़ितों की भीड़
राहत वितरण के दौरान जुटी बाढ़ पीड़ितों की भीड़