सार
गोपालगंज में 25 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपद्रव में शामिल 324 संदिग्ध असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए पुलिस ने उनकी तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए पुलिस ने कहा है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और सही जानकारी देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
गोपालगंज जिले में बीती 25 जुलाई को हुए उग्र धरना-प्रदर्शन और भड़की हिंसा के मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। हजियापुर चौक, जनसेवा अस्पताल, अंबेडकर चौक तथा आसपास के क्षेत्रों में उपद्रव मचाने और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले 324 असामाजिक तत्वों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए गोपालगंज पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में पुलिस ने आम जनता से खुलकर सहयोग की अपील की है, ताकि हिंसा फैलाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा न जा सके।
सार्वजनिक संपत्तियों और पुलिस वाहनों को पहुंचाया भारी नुकसान
25 जुलाई की घटना के दौरान उग्र भीड़ ने अचानक पुलिस बल पर हमला बोल दिया था, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। उपद्रवियों ने न केवल पुलिस के वाहनों को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि कई निजी प्रतिष्ठानों, अस्पतालों तथा सार्वजनिक संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस अप्रत्याशित तोड़फोड़ से शहर में अफरा-तफरी मच गई और आम नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया।
तस्वीरें सार्वजनिक, पहचान की प्रक्रिया तेज
घटना के तुरंत बाद से ही पुलिस अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई है। कार्रवाई को और तेज करते हुए गोपालगंज पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान कर ली गई है, जबकि शेष लोगों की पहचान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
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पहचान रहेगी गुप्त, मिलेगा इनाम
गोपालगंज पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन असामाजिक और उपद्रवी तत्वों की पहचान करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सही और पुख्ता जानकारी देने वाले लोगों को पुलिस प्रशासन की ओर से उचित रूप से पुरस्कृत भी किया जाएगा। यदि किसी के पास इन उपद्रवियों के संबंध में कोई जानकारी है, तो वह पुलिस के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है।