बिहार के गोपालगंज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कटेया थाना क्षेत्र के अमही बांके गांव में एक महिला की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान सलाउद्दीन अंसारी की पत्नी नजीया खातून के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मृतका नजीया खातून की शादी साल 2019 में अमही बांके गांव निवासी सलाउद्दीन अंसारी के साथ हुई थी। बीते कुछ वर्षों से परिवार में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा था। नजीया के दो छोटे बच्चे भी हैं, जिनके सिर से अब मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
पड़ोसियों ने दी मौत की खबर
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने खून से लथपथ शव को देखकर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नजीया की हत्या किन परिस्थितियों में और किसके द्वारा की गई है। सूचना मिलते ही कटेया थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस फिलहाल मृतका ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है। घरेलू विवाद या किसी बाहरी रंजिश, दोनों पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
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परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश
शादी के महज सात साल के भीतर हुई इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके वालों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। गांव के लोगों का कहना है कि नजीया मिलनसार स्वभाव की थी और दो छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीण काफी दुखी हैं। फिलहाल, हत्या के कारणों पर रहस्य बरकरार है। क्या यह मामला दहेज का है या आपसी कलह का, यह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लेंगे।