एनआईए ने बिहार में की छापेमारी
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गुजरात के अहमदाबाद से आई राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने सोमवार को गोपालगंज जिले में साइबर फ्रॉड से जुड़े एक संदिग्ध मामले की जांच के सिलसिले में छापेमारी की। नगर थाना क्षेत्र के थावे रोड स्थित तुरकाहां गांव में हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में दिनभर हड़कंप मचा रहा। एनआईए की टीम ने नजमुल होदा उर्फ लाल बाबू के आवास पर सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक करीब सात घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
घर की तलाशी में 6 लैपटॉप और 2 मोबाइल जब्त
तलाशी के दौरान जांच टीम ने घर में मौजूद सदस्यों से पूछताछ की और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की। एनआईए की टीम अपने साथ छह लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त कर ले गई। बताया जा रहा है कि टीम मुख्य रूप से मोहम्मद कैफ नामक युवक की तलाश में पहुंची थी, लेकिन छापेमारी के दौरान वह घर पर मौजूद नहीं मिला।
कैफ के नाम अहमदाबाद में पेश होने का नोटिस
मोहम्मद कैफ के घर पर नहीं मिलने के बाद एनआईए की टीम ने उसके नाम एक औपचारिक नोटिस जारी किया। नोटिस के माध्यम से कैफ को अहमदाबाद स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पूरी कार्रवाई के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और मामले को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की।
थाने पहुंची एनआईए टीम, पुलिस रिकॉर्ड भी खंगाला
आवास पर कार्रवाई पूरी करने के बाद एनआईए की टीम नगर थाना पहुंची। वहां अधिकारियों ने मोहम्मद कैफ से संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारियों को खंगाला। इस दौरान नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर से भी बातचीत कर आवश्यक इनपुट लिए गए।
एनआईए की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस भी अलर्ट
एनआईए की छापेमारी के बाद गोपालगंज की स्थानीय पुलिस भी अलर्ट हो गई है। पुलिस की एक टीम मोहम्मद कैफ के स्थानीय संपर्कों और उसके संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लग गई है। गोपालगंज के पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने एनआईए की छापेमारी की पुष्टि की है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
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फॉरेंसिक जांच के बाद खुल सकता है साइबर फ्रॉड का राज
फिलहाल जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच और मोहम्मद कैफ के अहमदाबाद स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय में पेश होने के बाद ही साइबर फ्रॉड से जुड़े इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसी जब्त उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।