गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड में घोघरी नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल ढह गया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर तीन इंजीनियर निलंबित किए गए। ठेकेदार एजेंसी पर भी कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बिहार के गोपालगंज जिले में निर्माण कार्यों में लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सिधवलिया प्रखंड के सलेमपुर घाट पर घोघरी नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल के एक हिस्से के ढह जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच के बाद निलंबन
पुल गिरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण कार्य विभाग मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों की अनदेखी और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही सामने आई। विभागीय आदेश के अनुसार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। तीनों अधिकारियों पर नियमित मॉनिटरिंग नहीं करने और गुणवत्ता नियंत्रण में विफल रहने का आरोप है।
ठेकेदार पर भी कार्रवाई की तैयारी
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, निर्माण कार्य में लगी संवेदक एजेंसी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। सलेमपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इस पुल के निर्माण का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। पुल गिरने से जहां सरकारी धन की बर्बादी हुई है, वहीं क्षेत्र का संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच और निर्धारित समयसीमा में मजबूत पुल निर्माण की मांग की है।
सरकार का सख्त संदेश