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Bihar: बिजली विभाग ने भेजा 16.98 लाख का बिल, मानसिक तौर पर परेशान किसान बोला- इतने का तो अनाज भी नहीं उगा

Thu, 09 Jan 2025 08:20 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Gopalganj News: किसान शिवशंकर प्रसाद शाही ने बताया कि इतनी बड़ी राशि का बिल देख उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक जितना अनाज उनकी फसल से नहीं उपजा, उतनी राशि का बिल भेज दिया गया है।
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बिजली विभाग की लापरवाही से किसान और ग्रामीण खफा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड के करमासी गांव के किसान शिवशंकर प्रसाद शाही को बिजली विभाग की लापरवाही ने गहरे संकट में डाल दिया है। खेत की सिंचाई के लिए उन्होंने जिस मोटर का कनेक्शन लिया था, उसी का बिजली बिल उन्हें 16.98 लाख रुपये का थमा दिया गया है। यह बिल मात्र दो वर्षों का है। इसे देखकर न केवल शिवशंकर बल्कि गांव के अन्य लोग भी हैरान हैं। सवाल उठता है कि आखिर बिजली विभाग की ऐसी चूक कैसे हो सकती है?

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बिल के आंकड़े सुन किसान के छूटे पसीने
जानकारी के मुताबिक, करमासी गांव के शिवशंकर प्रसाद शाही ने 15 जुलाई 2022 को खेत की सिंचाई के लिए एक एचपी मोटर के लिए बिजली कनेक्शन लिया था। इस मोटर का उपयोग वे अपने खेतों की सिंचाई के लिए कर रहे थे। लेकिन कुछ ही समय पहले उनके पास जो बिल आया, उसकी कुल राशि 16,98,835 रुपये थी। यह आंकड़ा देखकर उनके होश उड़ गए। किसान ने बताया कि इतनी बड़ी राशि का बिल देख उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक जितना अनाज उनकी फसल से नहीं उपजा, उतनी राशि का बिल भेज दिया गया है।
 
किसान की कठिनाई पर गांव में चर्चा
बिजली विभाग द्वारा भेजा गया यह असाधारण बिल न केवल शिवशंकर के लिए समस्या बना, बल्कि पूरे गांव में चिंता का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की ऐसी लापरवाही अक्सर देखी जाती है। हालांकि, इतनी बड़ी राशि का बिल पहली बार देखने को मिला है। शिवशंकर का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे इस बिल का भुगतान कर सकें।
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कार्यालय के चक्कर काट रहा किसान
बिल में सुधार के लिए शिवशंकर लगातार बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने विभाग से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस गलती को सुधारा जाए। फिलहाल किसान की ओर से किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया है, लेकिन इस समस्या ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।
 
विभाग ने मानी अपनी गलती
जब इस मुद्दे पर बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने माना कि बिल में गलती हुई है। जेई ने कहा कि यह बिल गड़बड़ी के कारण जारी हुआ है। जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा। किसान को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
 
बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के कारण आम लोग बेवजह परेशान होते हैं। किसान समुदाय पहले से ही महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं के कारण संघर्ष कर रहा है। ऐसे में बिजली विभाग की इस तरह की चूक उनके लिए नई समस्याएं खड़ी कर देती है।
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ग्रामीणों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
गांव के लोगों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग के संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही की सजा किसानों को क्यों भुगतनी चाहिए?

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