आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सारण जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के मुख्य चौराहों, सरकारी भवनों और संस्थानों से बैनर, पोस्टर और दीवारों पर लिखे राजनीतिक संदेश हटाए जा रहे हैं। इसका असर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक साफ दिखाई दे रहा है। प्रमंडलीय मुख्यालय सारण के आयुक्त कार्यालय परिसर, जिलाधिकारी कार्यालय, नगर निगम क्षेत्र और आसपास के इलाकों में नगर निगम कर्मी अभियान चलाकर प्रचार सामग्री हटा रहे हैं।
जिलाधिकारी अमन समीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि “आज से जिले में बैनर, पोस्टर और होर्डिंग हटाने का विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।”
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प्रचार सामग्री हटाने का दिया गया अल्टीमेटम
डीएम ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के तहत 48 घंटे के भीतर सभी सार्वजनिक स्थानों से, और 72 घंटे के भीतर सभी निजी संपत्तियों से बैनर, पोस्टर, झंडा, दीवार लेखन और अन्य प्रचार सामग्री हटानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में प्रचार सामग्री नहीं हटाने पर बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1985 (संशोधित 2010) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत 6 माह तक की सजा या 1,000 रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा
शहर के दारोगा राय चौक सहित कई व्यस्त क्षेत्रों में नगर निगम कर्मियों ने पोस्टर और फ्लेक्स बैनर हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं, प्रशासन के अनुसार अधिकांश प्रमुख स्थलों से पहले ही विभिन्न राजनीतिक दलों के पोस्टर और होर्डिंग हटा दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।