बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सिधवलिया थाना क्षेत्र के बरहिमा गांव में शनिवार को पानी में डूबने से दो सगे चचेरे भाई-बहन की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बरहिमा गांव निवासी हरेंद्र महतो के 9 वर्षीय पुत्र श्रेयांश कुमार और सुरेंद्र महतो की 8 वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरे भाई-बहन थे। बताया जाता है कि शनिवार को दोनों बच्चे गांव के ही कुछ अन्य बच्चों के साथ स्थानीय करस घाट पर नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान खेल-खेल में दोनों बच्चे अचानक नदी के गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जब बच्चों को पानी से निकाला गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को इलाज के लिए आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग
घटना की सूचना मिलते ही सिधवलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे बरहिमा गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना से दुखी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से करस घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण बच्चे गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा पाते।