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Bihar News: छपरा के युवक ने की आत्महत्या, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव ने उजाड़ा परिवार

Sat, 13 Dec 2025 10:35 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

बिहार के सारण जिले के छपरा निवासी 28 वर्षीय सुमित कुमार सिंह उर्फ़ मुरारी ने गुजरात के चतुर्भुज क्षेत्र में आत्महत्या कर ली। सुमित परिवारिक कलह और मानसिक तनाव के चलते इस दुखद कदम को मजबूर हुए।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सारण जिले के छपरा निवासी 28 वर्षीय सुमित कुमार सिंह उर्फ़ मुरारी की गुजरात में आत्महत्या की खबर से गांव सहित पूरा क्षेत्र स्तब्ध और शोकाकुल है। सुमित दरियापुर प्रखंड अंतर्गत दरिहरा गांव के रहने वाले थे और स्व युगल किशोर सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे। आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पारिवारिक मतभेद और मानसिक दबाव ने सुमित को अंदर तक झकझोर दिया था, जिसके चलते उसने यह दुखद कदम उठाया। सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया और लोग अवाक रह गए।

परिवार ने बताया कि सुमित गुजरात के चतुर्भुज क्षेत्र में एक निजी संस्था में सुरक्षा पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत थे। परिवार की आर्थिक और भावनात्मक उम्मीदें काफी हद तक उनके ऊपर टिकी थीं। स्वभाव से सरल, शांत और संवेदनशील सुमित की आत्महत्या की खबर सुनकर सभी स्तब्ध रह गए।

सबसे मार्मिक तथ्य यह है कि सुमित ने इस वर्ष मई में सूमी कुमारी से हिंदू रीति-रिवाज़ के अनुसार शादी की थी। पत्नी की हथेलियों पर लगी मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह हल्का भी नहीं हुआ था कि यह दर्दनाक घटना घट गई। पारिवारिक माहौल में जहां नए सपने और खुशियों की किरणें उभर रही थीं, वहीं अचानक अंधकार ने सब कुछ ढक लिया।

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सुमित के पिता स्व. युगल किशोर सिंह पहले ही परिवार से विदा ले चुके थे। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे होने के कारण सुमित का परिवार में विशेष स्थान था। घटना की जानकारी गुजरात में रहने वाले उसके साले और अन्य रिश्तेदारों द्वारा घर भेजी गई, जिसके बाद परिवार बिखर गया। मां सुनीता देवी अत्यंत दुखी हैं और परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा है।

गांव में शोक और गम का माहौल है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुमित के शव को गांव लाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सुमित की असमय मौत ने न केवल परिवार का सहारा छीना, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक और दर्द में डुबो दिया। लोग अब भी इस बात पर हैरान हैं कि इतना संवेदनशील और विनम्र युवक इतनी बड़ी मानसिक पीड़ा कैसे सह रहा था, जिसे कोई समझ नहीं पाया।

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