कानून की आंखों पर काली पट्टी बंधी होने की बात भले ही आम कही जाती हो, लेकिन छपरा में सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की भूल के कारण एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी फाइलों में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उसकी वृद्धा पेंशन भी बंद हो गई। यह मामला सारण जिले के तरैया प्रखंड का है, जहां ई लाभार्थी पोर्टल की लापरवाही ने एक जरूरतमंद बुजुर्ग को परेशानी में डाल दिया है।
जानकारी के अनुसार तरैया प्रखंड के देवरिया गांव निवासी 76 वर्षीय रामदेव महतो को पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से वृद्धा पेंशन का लाभ मिल रहा था और अगस्त माह तक उन्हें पेंशन की राशि प्राप्त हुई। लेकिन सितंबर माह से अचानक पेंशन का भुगतान बंद हो गया। पेंशन बंद होने के कारणों की जानकारी लेने जब रामदेव महतो तरैया बाजार स्थित एक साइबर कैफे पहुंचे और ई लाभार्थी पोर्टल पर विवरण देखा, तो वह हैरान रह गए। पोर्टल पर उन्हें सितंबर माह से मृत दर्शाया गया था।
ये भी पढ़ें- Bihar Weather: बिहार में तीन दिन बाद और बढ़ेगी ठंड; आज कैमूर समेत कई जिलों में घना कोहरा, ट्रेनें भी लेट
इस संबंध में पीड़ित रामदेव महतो ने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और जीवित होने के बावजूद उन्हें सरकारी सिस्टम में मृत दिखा दिया गया है, जिसके कारण पेंशन भुगतान रोक दिया गया। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रामदेव महतो ने इस मामले को लेकर सारण के निवर्तमान जिलाधिकारी अमन समीर को लिखित शिकायत प्रतिवेदन भेजा है।
वहीं इस पूरे मामले पर तरैया प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी विभु विवेक ने बताया कि यह मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं था। जैसे ही इसकी जानकारी मिली है, संबंधित विभाग को त्रुटि सुधार की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे दिया गया है। उन्होंने बुजुर्ग को आश्वासन देते हुए कहा कि आप हम लोगों के अभिभावक समान हैं और आपकी वृद्धा पेंशन शीघ्र ही बहाल कर दी जाएगी।
इधर, इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ई लाभार्थी पोर्टल की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी जरूरतमंद वृद्ध को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और डिजिटल सिस्टम की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।