बिहार महिला क्रिकेट टीम की कप्तान बनीं प्रगति सिंह
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सीमित संसाधनों और ग्रामीण चुनौतियों के बीच पले-बढ़े सपनों को हकीकत में बदलने की मिसाल सारण जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत पहाड़ी चक गांव की बेटी प्रगति सिंह ने पेश की है। ललन सिंह की पुत्री प्रगति सिंह को बिहार स्टेट वूमेंस क्रिकेट टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जो आगामी प्रतियोगिता में भुवनेश्वर में टीम का नेतृत्व करेंगी।
सारण और बिहार के लिए गौरव का क्षण
यह उपलब्धि केवल खेल के क्षेत्र में सफलता नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का प्रतीक भी मानी जा रही है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतर्राज्यीय क्रिकेट में पहचान बनाना और अब राज्य टीम की कमान संभालना, प्रगति की मेहनत और जज्बे को दर्शाता है। सारण ही नहीं, पूरे बिहार के लिए यह एक गर्व का क्षण है।
पांच वर्षों की मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम
पिछले पांच वर्षों से सारण जिला क्रिकेट संगठन से जुड़ी प्रगति सिंह ने कठिन परिस्थितियों में निरंतर अभ्यास करते हुए खुद को एक सशक्त ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है। बाएं हाथ की सधी हुई बल्लेबाजी और प्रभावशाली गेंदबाजी ने उन्हें टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाया है। इससे पहले भी वह बिहार टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, लेकिन कप्तानी की जिम्मेदारी उन्हें पहली बार सौंपी गई है।
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कप्तानी में दिखेगा संयम और अनुशासन
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रगति सिंह का संयमित स्वभाव, अनुशासन और खेल की गहरी समझ टीम को एकजुट रखने में मदद करेगी। उनके नेतृत्व में बिहार महिला क्रिकेट टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
गंगा और गंडक नदी के तट पर बसे सोनपुर के पहाड़ी चक गांव से निकलकर बिहार महिला टीम की कप्तान बनना, उन तमाम ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को अधूरा मान लेती हैं। प्रगति सिंह की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के सामने परिस्थितियां भी हार मान लेती हैं।