सीवान के अंबेडकर पार्क में अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के शिक्षकों को अब विभिन्न संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। बुधवार को इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव जयशंकर पंडित, राज्य कमिटी सदस्य विशाल यादव, अमित गोंड, जिला अध्यक्ष उपेंद्र साह, और आइसा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विकास यादव ने हड़ताली शिक्षकों से मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता प्रकट की।
भूख हड़ताल को संबोधित करते हुए जयशंकर पंडित ने कहा कि शिक्षकों की सभी मांगें पूरी तरह से जायज और बुनियादी हैं। नियमित वेतन भुगतान, छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति, मध्याह्न भोजन में चावल की गुणवत्ता और वजन की जांच, तथा जिला शिक्षा कार्यालय में व्याप्त रिश्वतखोरी को खत्म करने जैसी मांगों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। इसके लिए सिवान के डीईओ सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
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उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि शिक्षकों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए और भूख हड़ताल को समाप्त कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया, तो इंकलाबी नौजवान सभा जिले में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि जो शिक्षक रिश्वत देने से इनकार करते हैं, उन्हें विभाग द्वारा प्रताड़ित किया जाता है। यह आंदोलन न केवल शिक्षकों की समस्याओं को सामने ला रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार और लापरवाही को भी उजागर कर रहा है। धरना स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ शिक्षकों की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज के हर उस वर्ग की लड़ाई है जो एक बेहतर और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था चाहता है।