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Bihar News: शहीद राम बाबू सिंह को ‘शहीद’ का दर्जा न मिलने पर राजद का धरना, सरकार पर जमकर बरसे नेता

Tue, 20 May 2025 05:04 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

Bihar: राजद नेता अनवारूल हक ने बताया कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हुई झड़प में शहीद हुए राम बाबू सिंह की शहादत को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक न तो कोई सम्मान राशि दी गई है और न ही उन्हें 'शहीद' का दर्जा मिला है।
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राजद का धरना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बड़हरिया प्रखंड परिसर में राजद के नेताओं ने सोमवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना जीबी नगर तरवारा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर पंचायत स्थित वसिलपुर गांव निवासी शहीद राम बाबू सिंह को अब तक 'शहीद' का दर्जा और सम्मान राशि न मिलने के विरोध में आयोजित किया गया था।

धरने का नेतृत्व राजद नेता अनवारूल हक उर्फ अनवार बाबू ने किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि शहीद राम बाबू सिंह के परिजनों को जल्द से जल्द 'शहीद' का दर्जा और ₹50 लाख की सम्मान राशि प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो राजद इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।

धरने में राजद जिलाध्यक्ष विपिन सिंह कुशवाहा, पूर्व जिला पार्षद एहतेशामूल हक उर्फ मिनी नेता, हाजी साहब, अमित यादव, रमेश यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और महिलाएं मौजूद थीं। सभी ने एक स्वर में शहीद के परिजनों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की।

राजद नेता अनवारूल हक ने बताया कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हुई झड़प में शहीद हुए राम बाबू सिंह की शहादत को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक न तो कोई सम्मान राशि दी गई है और न ही उन्हें 'शहीद' का दर्जा मिला है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले जब वह शहीद के गांव गए और परिजनों से मुलाकात की, तो उन्होंने बताया कि अब तक सेना या सरकार की ओर से उन्हें कोई आधिकारिक सूचना या पत्र नहीं मिला है। परिवार अब भी सरकार की ओर से किसी ठोस पहल का इंतजार कर रहा है।

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राजद नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस ट्वीट का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने शहीद की शहादत पर दुख जताते हुए परिजनों को ₹50 लाख की सम्मान राशि और 'शहीद' का दर्जा देने की घोषणा की थी। लेकिन विडंबना यह है कि न तो कोई मंत्री, न कोई अधिकारी और न ही कोई प्रतिनिधिमंडल अब तक शहीद के परिजनों से मिलने पहुँचा है।

राजद नेताओं ने छपरा के शहीद इम्तियाज अहमद का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने उनसे स्वयं मुलाकात की थी और 24 घंटे के भीतर सम्मान राशि और 'शहीद' का दर्जा प्रदान किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि सीवान के लाल शहीद राम बाबू सिंह के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजद नेताओं ने अंत में चेतावनी दी कि यदि जल्द सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को तेज करेगी।

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