बिहार के छपरा में शनिवार की देर शाम एक बेहद दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। मामला सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत रामदास चक गांव का है, जहां एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतक बच्चियों की पहचान गुंजन कुमारी (11), मंतुरानी कुमारी (9) और सपना कुमारी (7) के रूप में हुई है।
घटना के समय चारों बहनें घर के पास स्थित पानी भरे गड्ढे नुमा तालाब के किनारे खेल रही थीं। खेल-खेल में चारों बहनें पानी में उतरीं और नहाने लगीं। इसी दौरान गहरे पानी में डुबकी लगाने की वजह से तीनों बहनें डूबने लगीं। छोटी बहन छाया कुमारी ने डर के मारे चीखना शुरू किया, जिसे सुनकर आस-पास के लोग दौड़े और किसी तरह उसे समय रहते बाहर निकाल लिया। लेकिन जब तक बाकी तीनों बच्चियों को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय दिघवारा थाना पुलिस अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। उसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। सगी बहनों की डूबने से मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे इलाके में माहौल गमगीन हो गया। परिजन बच्चों के शवों से लिपटकर रोते-बिलखते नजर आए।
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पिता भुलेटन महतो और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था, “हमारी तीनों बेटियों की जान चली गई, घर सूना हो गया। हम कैसे इस पीड़ा को सहें?” बची हुई बहन छाया कुमारी की आंखों में अभी भी डर साफ झलक रहा था। उसने बताया, “हम चारों बहनें तालाब के पास खेल रही थीं। जब नहाने लगीं तो मैं गहरे पानी में चली गई और डर के मारे चीखने लगी। तभी लोग दौड़कर आए और मुझे बचा लिया। लेकिन मेरी तीनों बहनों को नहीं बचाया जा सका। अब मुझे पानी से डर लगता है।”
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में खुले तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।