छपरा जिले में पुलिस विभाग की अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने एक थानाध्यक्ष, दो दारोगाओं और एक चौकीदार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी है। सभी चारों पर गंभीर कर्तव्यहीनता, अनुशासन उल्लंघन तथा कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने के आरोप हैं। एसपी ने स्पष्ट कहा है कि सारण पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
पहला मामला: तरैया में दैनिकी प्रेषण में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के प्रति अनुचित व्यवहार
दूसरा मामला: ड्यूटी के दौरान शराब सेवन करते पकड़े गए दारोगा
भगवान बाजार थाना के सहायक अवर निरीक्षक शिवनारायण साह ड्यूटी के दौरान शराब पीते धरे गए। डायल-112 की जांच में उनके ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट में 23 mg/100 ml एल्कोहॉल पाया गया। पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है। उनके रक्त एवं मूत्र नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
तीसरा बड़ा मामला: नगरा थानाध्यक्ष पर बालू ट्रकों को रोक कर भयादोहन का आरोप
नगरा थाना के थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार साह पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने बालू लदे तीन ट्रकों को जबरन रोक कर ड्राइवरों को थाने में बंद रखा और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के भयादोहन करते हुए छोड़ दिया। एसडीपीओ सदर-1 द्वारा की गई जांच में आरोप सत्य पाए गए। थानाध्यक्ष का स्पष्टीकरण असंतोषजनक मानते हुए 19 नवंबर से उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
चौथा मामला: स्पष्टीकरण नहीं देने पर नगरा चौकीदार भी निलंबित
उसी प्रकरण में नीयत समय तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर नगरा थाना के चौकीदार संतोष मांझी को भी निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। एसपी ने इसे आदेश उल्लंघन और कर्तव्यहीनता की श्रेणी में माना है।