'हमने हर क्षेत्र में सुधार शुरू किया'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, इसके लिए मैं आपका स्वागत करता हूं। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी और तब से लगातार राज्य के विकास और लोगों के उत्थान के लिए काम किया जा रहा है। नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में भय और अराजकता का माहौल था। लोग शाम ढलते ही घरों से निकलने से डरते थे। पढ़ाई-लिखाई और स्वास्थ्य सेवाएं बेहद खराब स्थिति में थीं। सड़कों और बिजली की भी भारी कमी थी। सरकार में आने के बाद हमने हर क्षेत्र में सुधार शुरू किया। आज राज्य में शांति, भाईचारे और आपसी सद्भाव का माहौल है।
बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क और पुलों के निर्माण पर लगातार काम हुआ है। हर घर तक बिजली, नल का जल और शौचालय जैसी सुविधाएं पहुंचाई गईं। सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत युवाओं को नौकरी और रोजगार देने पर विशेष ध्यान दिया गया। अब तक 49 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार या नौकरी दी जा चुकी है। लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिले।
नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया-सीएम
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने से लेकर पुलिस और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। आज राज्य में 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं जीविका समूहों से जुड़ी हैं। शहरी क्षेत्रों में भी अब ये समूह बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय और अन्य वंचित तबकों के लिए भी लगातार काम हुआ है। मदरसों को मान्यता दी गई, शिक्षकों को वेतन मिला और गरीब परिवारों को आर्थिक मदद देने की योजना शुरू की गई।
बिहार के बजट में हुई बढ़ोतरी
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार का बजट अब 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि 2005 में यह सिर्फ 28 हजार करोड़ था। केंद्र सरकार से भी लगातार सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से बिहार में कई बड़े विकास कार्य शुरू हुए हैं, जिनमें ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, मखाना बोर्ड और खाद्य प्रसंस्करण संस्थान की स्थापना शामिल है।
गोपालगंज जिले में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, छात्रावास और अस्पताल स्थापित किए गए हैं। सड़कों, पुलों, तटबंधों और मंदिरों के विकास पर भी काम हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कई नई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।