कार्यशाला में व्याख्यान देते शिक्षक मुकेश शर्मा
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) दिल्ली में आयोजित 20 दिवसीय कार्यशाला में सारण जिले के शिक्षक मुकेश कुमार शर्मा का चयन हुआ है। यह कार्यशाला 28 जनवरी को खत्म होगी। बिहार से इस कार्यशाला के लिए चुने गए 10 शिक्षकों में सारण जिले के अमनौर प्रखंड के सलखुआ गांव स्थित मिडिल स्कूल मध्य के शिक्षक मुकेश कुमार शर्मा शामिल हैं। उनके चयन से न केवल विद्यालय बल्कि पूरे सारण जिले के शिक्षकों और शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।
कार्यशाला का उद्देश्य और मुकेश कुमार का योगदान
मुकेश कुमार शर्मा ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति के विकास और मूलभूत सिद्धांतों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अध्ययन-अध्यापन को समृद्ध बनाना इस पहल का मूल लक्ष्य है। कार्यशाला के दौरान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपोजिटरी
(DDR) जैसे विषयों पर आयोजित गोष्ठी में मुकेश कुमार ने बिहार के ऐतिहासिक स्थलों और उनकी सांस्कृतिक धरोहर पर विस्तार से अपने विचार रखे। उनके विचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
भारतीय संस्कृति और शिक्षा में नवाचार
मुकेश कुमार ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल शिक्षकों को भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों से परिचित कराना है, बल्कि शिक्षण प्रक्रियाओं में नवाचार को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बताया कि यह पहल शिक्षा को शिक्षकों और छात्रों के लिए एक समग्र अनुभव बनाने का अवसर प्रदान करती है। कार्यशाला में विद्वानों और कलाकारों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिलना शिक्षकों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए अहम है।
कार्यशाला में शामिल शिक्षक और राज्यों की भागीदारी
देशभर के नौ राज्यों के 120 प्रतिनिधि इस कार्यशाला में भाग ले रहे हैं। बिहार से चयनित 10 शिक्षकों में सिवान और लखीसराय से दो-दो शिक्षक, जबकि बांका, भागलपुर, शेखपुरा, पूर्णिया और सारण से एक-एक शिक्षक शामिल हैं। मुकेश कुमार शर्मा का चयन सारण जिले के लिए गर्व का विषय है।
सारण में उत्साह का माहौल
मुकेश कुमार के चयन की खबर से उनके विद्यालय और जिले के शिक्षकों में गर्व और उत्साह का माहौल है। सहकर्मियों और छात्रों ने इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।