गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत हेम बरदाहा गांव निवासी अशोक मिश्रा के 23 वर्षीय पुत्र और भारतीय सेना के जवान हिमांशु मिश्रा का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके पैतृक गांव लाया गया। बुधवार सुबह गांव में गमगीन माहौल के बीच सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। जवान की असमय मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही दानापुर स्थित सैनिक छावनी से हिमांशु मिश्रा का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, चारों ओर मातम पसर गया। स्वजनों की चीत्कार और ग्रामीणों की आंखों से बहते आंसू माहौल को बेहद भावुक बना रहे थे। वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा गांव गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार, हिमांशु मिश्रा वर्ष 2022 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुआ था। बीते रविवार, 22 जून को वे अपने कुछ साथियों के साथ उधम सिंह नगर के बाजपुर स्थित गूलरभोज नदी में नहाने गए थे, जहां अचानक पैर फिसलने से वे नदी में डूब गए। दो दिन की लगातार खोजबीन के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने सोमवार शाम उनका शव बरामद कर स्वजनों को सौंपा।
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बुधवार सुबह जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, जबकि पिता अशोक मिश्रा, जो बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं।
सेना के जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुचायकोट के बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा, स्थानीय पुलिस पदाधिकारी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पांडेय, जितेंद्र चौबे, रंजीत पांडेय, धनंजय चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। गांव ने एक होनहार और वीर सपूत को खो दिया है, जिसकी बहादुरी और सेवा-भावना को लोग सदैव याद रखेंगे।