सीवान जिले के सिसवन प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा महेंद्रनाथ धाम को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज होती दिख रही है। धाम को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव बिहार विधानसभा की पर्यटन-उद्योग संबंधी समिति के समक्ष रखा गया है। प्रस्ताव में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, आध्यात्मिक गतिविधियों, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने की योजना शामिल है।
समिति ने धाम का किया निरीक्षण
पर्यटन-उद्योग संबंधी समिति के सभापति एवं एकमा विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने बाबा महेंद्रनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम में सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल, खगड़िया विधायक बबलू कुमार और महिषी विधायक गौतम कृष्ण सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
इस दौरान भाजपा नेता सूर्यनंदन शाही और स्थानीय ग्रामीणों की ओर से धाम के समग्र विकास का प्रस्ताव रखा गया। समिति के निरीक्षण और प्रस्तावित विकास योजना की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है।
झील के बीच होगी भगवान शिव की विशाल प्रतिमा
प्रस्तावित योजना में मंदिर के सामने झील विकसित करने और उसके बीच भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित करने की बात कही गई है। इसके साथ जलप्रपात, 12 ज्योतिर्लिंग मंडप, शिवलिंग मंडप, प्रदक्षिणा पथ, भव्य महाद्वार, यज्ञशाला, योग-ध्यान केंद्र और सत्संग हॉल बनाने का प्रस्ताव है।
वाटिका से वैदिक ज्ञान केंद्र तक
कॉरिडोर में शिव वाटिका, विष्णु वाटिका, सांस्कृतिक विरासत गैलरी, वैदिक पुस्तकालय, व्याख्यात्मक संग्रहालय और डिजिटल ज्ञान केंद्र विकसित करने की योजना है। श्रद्धालुओं के लिए कतार प्रबंधन परिसर, प्रसाद काउंटर, भोगशाला, शौचालय, स्नानघर, सुरक्षा केंद्र और पार्किंग की सुविधा भी प्रस्तावित है।
नौकायन और कांवर मार्ग भी प्रस्तावित
पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए झील में नियंत्रित नौकायन और कायाकिंग, परिक्रमा पथ और प्रतीकात्मक कांवर यात्रा मार्ग बनाने का प्रस्ताव है। बच्चों का पार्क, मेला क्षेत्र, स्थानीय बाजार, वाणिज्यिक परिसर, वीआईपी गेस्ट हाउस, प्रशासनिक केंद्र और अग्निशमन व्यवस्था भी योजना में शामिल है।
अधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान समिति ने अधिकारियों से धाम में उपलब्ध सुविधाओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।