सार
पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में एक जवान ने अनुशासनात्मक कार्रवाई से नाराज होकर अपने साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में बिहार के सारण निवासी हवलदार अजय कुमार सिंह समेत दो जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी जवान को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कैंप में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अनुशासनात्मक कार्रवाई से नाराज एक जवान ने अपने ही साथियों पर अचानक गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में सारण जिले के मांझी नगर पंचायत अंतर्गत उत्तर टोला निवासी 51 वर्षीय हवलदार अजय कुमार सिंह सहित दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे कैंप में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया। गोली चलाने वाले जवान की पहचान शिवम कुमार मिश्रा के रूप में हुई है।
सर्विस राइफल से साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग की
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि क्वार्टर गार्ड की सजा दिए जाने से जवान शिवम कुमार मिश्रा नाराज चल रहा था। इसी आक्रोश में उसने अपनी सर्विस राइफल से साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना में कुल तीन जवानों को गोली लगी, जिनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे घायल जवान का उपचार चल रहा है। इस घटना में शहीद हुए हवलदार अजय कुमार सिंह मूल रूप से सारण जिले के मांझी नगर पंचायत अंतर्गत उत्तर टोला के निवासी थे। वह अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे और लंबे समय से बीएसएफ में सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और एक अविवाहित बेटी हैं। अजय कुमार सिंह की शहादत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ये भी पढ़ें-
Bihar: भाजपा नेता से लॉरेंस गैंग के नाम पर 50 लाख की रंगदारी मांगी, न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी
अजय कुमार सिंह का परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके दूसरे भाई अभय सिंह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। तीसरे भाई अमर सिंह मुजफ्फरपुर में कल्याण पदाधिकारी हैं, जबकि सबसे छोटे भाई अमन सिंह भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात हैं। उनके पिता स्वर्गीय मदन सिंह भी भूतपूर्व सैनिक थे, जिनका लगभग 15 वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। घटना के बाद बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अनुशासनात्मक कार्रवाई से उपजे आक्रोश को घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। वहीं, हवलदार अजय कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाने की तैयारी की जा रही है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।