बाढ़ प्रभावित इलाके में आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई को घेरा
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सारण जिले के पानापुर प्रखंड के भगवानपुर इलाके में तटबंध टूटने के बाद बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) चंद्रशेखर कुमार को ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर विभाग के एसडीओ सुनील कुमार भी मौजूद थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध पर समय रहते प्रभावी ढंग से कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया। उनका कहना है कि पानी का दबाव बढ़ने से तटबंध कमजोर हो गया और आखिरकार टूट गया। इससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
काम की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों ने पहले कराए गए कटावरोधी कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदक और विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई। ग्रामीणों का दावा है कि तटबंध को मजबूत करने के लिए पर्याप्त बोल्डर और निर्धारित सामग्री का इस्तेमाल करने के बजाय कई स्थानों पर केवल बालू भरी बोरियां रखकर काम पूरा कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कमजोर और अस्थायी इंतजाम के कारण तटबंध पानी का दबाव नहीं झेल सका। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या विभागीय स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जेई से नोकझोंक का वीडियो वायरल
इसी दौरान ग्रामीणों और जेई के बीच हुई बहस और धक्का-मुक्की का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीणों की भीड़ और जेई के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई को नदी में फेंकने तक की बात कही। हालांकि, वीडियो और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अब तक प्रशासन या पुलिस के समक्ष कोई लिखित शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है। घटना के बाद इलाके में विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और तटबंध की मरम्मत को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।