फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: शॉर्ट सर्किट की चिंगारी बनी तबाही, 110 बीघा गेहूं फसल राख; 57 किसानों की सालभर की मेहनत स्वाहा

Thu, 02 Apr 2026 05:56 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

गोपालगंज के डीह जैतपुरा गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 57 किसानों की 110 बीघा गेहूं फसल जलकर नष्ट हो गई। तेज हवा से आग फैल गई। प्रशासन ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने का आश्वासन दिया।

विज्ञापन
खेत में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड अंतर्गत डीह जैतपुरा गांव में गुरुवार को कुदरत और सिस्टम की दोहरी मार से किसानों की सालभर की मेहनत चंद घंटों में राख हो गई। गांव के चंवर में बिजली के शॉर्ट सर्किट से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और 57 किसानों की करीब 110 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।

पछुआ हवा ने बढ़ाया कहर

विज्ञापन

दोपहर में तेज गर्मी के बीच खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारी ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। तेज पछुआ हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई। लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक आसमान में काला धुआं दिखाई देने लगा। अपनी आंखों के सामने फसल जलते देख किसानों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए निजी संसाधनों और फायर ब्रिगेड की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

बीडीओ ने किया निरीक्षण, मदद का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि प्रशासन इस कठिन समय में उनके साथ है। बीडीओ ने राजस्व कर्मियों को तत्काल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र सरकारी सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।

विज्ञापन


पढ़ें: पूर्णिया में नाबालिग के अपहरण पर सियासत गरम: पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना, 60 घंटे बाद भी सुराग नहीं

आंसुओं में डूबी मेहनत, मदद की आस
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। प्रभावित किसानों में गुलाब भगत, राजू कुशवाहा, सुकीम भगत, श्रीराम यादव, प्रयाग भगत, राधेश्याम यादव, सहदेव यादव, लालबिहारी कुशवाहा, बलिराम यादव, बबन यादव, जयप्रकाश कुशवाहा, अवधेश यादव, उत्तम कुशवाहा, रघुनाथ प्रसाद, परशुराम भगत, जगदीश गोंड, विपिन भगत, लालचंद कुशवाहा, मधूनी भगत, रामाश्रय कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह और जयप्रकाश सिंह समेत कुल 57 किसान शामिल हैं।

एक पीड़ित किसान ने बताया कि बेटी की शादी और बच्चों की पढ़ाई की उम्मीदें इसी फसल पर टिकी थीं, लेकिन अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल पूरे गांव की नजरें प्रशासन की रिपोर्ट और मुआवजे पर टिकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें