गोपालगंज के डीह जैतपुरा गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 57 किसानों की 110 बीघा गेहूं फसल जलकर नष्ट हो गई। तेज हवा से आग फैल गई। प्रशासन ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड अंतर्गत डीह जैतपुरा गांव में गुरुवार को कुदरत और सिस्टम की दोहरी मार से किसानों की सालभर की मेहनत चंद घंटों में राख हो गई। गांव के चंवर में बिजली के शॉर्ट सर्किट से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और 57 किसानों की करीब 110 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
पछुआ हवा ने बढ़ाया कहर
बीडीओ ने किया निरीक्षण, मदद का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि प्रशासन इस कठिन समय में उनके साथ है। बीडीओ ने राजस्व कर्मियों को तत्काल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र सरकारी सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
आंसुओं में डूबी मेहनत, मदद की आस
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। प्रभावित किसानों में गुलाब भगत, राजू कुशवाहा, सुकीम भगत, श्रीराम यादव, प्रयाग भगत, राधेश्याम यादव, सहदेव यादव, लालबिहारी कुशवाहा, बलिराम यादव, बबन यादव, जयप्रकाश कुशवाहा, अवधेश यादव, उत्तम कुशवाहा, रघुनाथ प्रसाद, परशुराम भगत, जगदीश गोंड, विपिन भगत, लालचंद कुशवाहा, मधूनी भगत, रामाश्रय कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह और जयप्रकाश सिंह समेत कुल 57 किसान शामिल हैं।
एक पीड़ित किसान ने बताया कि बेटी की शादी और बच्चों की पढ़ाई की उम्मीदें इसी फसल पर टिकी थीं, लेकिन अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल पूरे गांव की नजरें प्रशासन की रिपोर्ट और मुआवजे पर टिकी हैं।