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बिहार: झाड़ी में मिला मजदूर का शव, पापा-पापा पुकारती रही 2 साल की मासूम; बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल

Sun, 30 Aug 2026 09:01 AM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

सीवान के गोरियाकोठी थाना क्षेत्र के छितौली के पास सड़क किनारे झाड़ी से मजदूर अनिल कुमार राम का शव मिलने से सनसनी फैल गई। लीलारो गांव निवासी अनिल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। कुछ समय पहले बीमारी के इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण उसकी पत्नी की भी मौत हो गई थी।
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक तरफ बूढ़ी मां बेसुध होकर रो रही है, तो दूसरी तरफ महज दो साल की मासूम बच्ची बार-बार दरवाजे की ओर देखकर अपने पिता को पुकार रही है। सीवान के गोरियाकोठी थाना क्षेत्र में झाड़ी से एक मजदूर का शव मिलने के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पहचान लीलारो गांव निवासी अनिल कुमार राम, पिता स्वर्गीय चैत राम के रूप में हुई है। अनिल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में अब उसकी बूढ़ी मां और दो साल की मासूम बच्ची ही रह गई हैं।

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सड़क किनारे झाड़ी में मिला मजदूर का शव
जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार राम का शव घर से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर छितौली के पास सड़क किनारे झाड़ी में पड़ा मिला। ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गोरियाकोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अनिल की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

पिता का साया पहले ही उठ चुका था
अनिल बेहद गरीब परिवार से था और मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करता था। उसके पिता का निधन पहले ही हो चुका था। परिवार पर कुछ समय पहले एक और बड़ी त्रासदी आई, जब पैसों के अभाव में इलाज नहीं हो पाने के कारण अनिल की पत्नी की भी मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह अनिल के कंधों पर आ गई थी। घर में उसकी बूढ़ी मां और करीब दो साल की छोटी बच्ची ही उसका सहारा थीं। बच्ची के सिर पर पिता के रूप में एकमात्र सहारा भी अब नहीं रहा।
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गांव में मिलनसार और मेहनती था अनिल
ग्रामीणों के मुताबिक, अनिल स्वभाव से बेहद सीधा-सादा, मिलनसार और मेहनती युवक था। आर्थिक तंगी के बावजूद वह मेहनत कर परिवार चलाता था और कभी किसी से शिकायत नहीं करता था। उसकी अचानक मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि अनिल की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। उसके घर का माहौल बेहद गमगीन है।

बूढ़ी मां बेसुध, मासूम बार-बार पुकार रही पापा
अनिल की मौत के बाद उसके घर का दृश्य बेहद मार्मिक है। बूढ़ी मां बेसुध होकर रो रही है। वहीं दो साल की मासूम बच्ची कुछ समझ पाने की स्थिति में नहीं है। वह बार-बार दरवाजे की तरफ देखकर “पापा-पापा” पुकार रही है। मासूम को शायद यह अहसास भी नहीं है कि जिस पिता का वह इंतजार कर रही है, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब इस नन्ही बच्ची की परवरिश और उसके भविष्य को लेकर है।

मौत की वजह को लेकर ग्रामीणों में सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, अनिल का शव जिस तरह सड़क किनारे झाड़ी में मिला, उससे उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना कैसे हुई और वह वहां तक कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है। मौत संदिग्ध परिस्थितियों में होने की बात सामने आने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है।

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